शनिदेव व्यक्ति के जीवन मे आने से पहले देते है सावधान होने के संकेत!! जानिये क्या है वो संकेत!!

शनि व्यक्ति के जीवन मे आने से पहले देते है सावधान होने के संकेत!! जानिये क्या है वो संकेत!!

शास्त्रों में शनि को संतुलन व न्याय का ग्रह माना गया है। इस संसार में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो शनि के प्रभाव से अछूता हो। शनिदेव का नाम सुनते ही व्यक्ति में भय उत्पन्न हो जाता है। शनि के प्रति सभी का डर सदैव बना रहता है। शनि के कारण जीवन की दिशा, सुख, दुख आदि सभी बात निर्धारित होती है। वास्तविकता में शनि कुकर्मियों को पीड़ित करता है तथा सुकर्मियों व कर्मठ लोगों का भग्यौदय करता है।

यदि किसी व्यक्ति के कर्म अच्छे नहीं हैं तो शनि भाग्य हरकर पापियों को कंगाल बना देता है परंतु किसी भी व्यक्ति पर अपना असर डालने पर व्यक्ति को कुछ संकेत देता है। यह संकेत एक प्रकार की चेतवानी होती है की व्यक्ति अपने कर्म सुधारे और जीवन के मार्ग पर कर्म व धर्म अपनाकर अकर्म व अधर्म का परित्याग करे। शनि व्यक्ति के जीवन में अनेक परेशानियां लाकर निम्नलिखित बदलाव लाता है।

* शनि प्रभावित व्यक्ति के घर की बाहरी दीवारों पर पीपल के पेड़ लगाना शुरू हो जाते हैं। इन्हे उखाड़ने के पश्चात भी पीपल के पेड़ पुनः उग आते हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति के घर की दीवारों में अकस्मात दरारें आना शुरू हो जाती हैं। नियमित सफाई के बावजूद घर की दीवारों पर मकड़ियां अपना जाला बनाना शुरू कर देती हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति के घर पर बने नमकीन प्रदार्थों में भी चींटियां आ जाती हैं। तथा पूरी सफाई के बावजूद भी चींटियां घर के पलायन नहीं करती हैं। इसे खाना खरण होना कहते हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति के घर पर काली बिल्लियां डेरा डाल लेती हैं तथा वहीं बिल्ली अपने बच्चों को जन्म भी देती हैं तथा अक्सर दो बिल्लियां मिलकर एक दूसरे से लड़ती हुई भी पाई जाती हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति के स्वभाव और विचारों में भी बदलाव आता है। व्यक्ति में काम भावना बढ़ जाती है। मन और भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता। व्यक्ति के अनैतिक संबंध भी बन जाते हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति की सूझबूझ खो जाती है। व्यक्ति अर्जित किया हुआधन व कीमती समय लंबी दूरी की यात्राओं में लगा देता है। व्यक्ति को अकारण ही लंबी दूरी की असफल यात्राएं करनी पड़ती हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति का झूठ बोलना बढ़ जाना। व्यक्ति आकारण झूठ बोलना शुरू करा देता है। उसके आचरण और विचारों में झूठ का वास हो जाता है। व्यक्ति को लगता ही नहीं है को वो झूठ बोल रहा है।

* शनि प्रभावित व्यक्ति अत्यधिक सुस्त हो जाता है। व्यक्ति गंदगी पसंद करता है तथा खुद को साफ़-सुथरा नहीं रख पता। नित्य स्नान का त्याग करता है। व्यक्ति बाल और नाखून काटने से परहेज करता है।

* व्यक्ति के खानपान की पसंद में अकस्मात बदलाव आता है। व्यक्ति मांसाहार भक्षण में अत्यधिक रुचि लेता है। मदिरा के सेवन में भी व्यक्ति की रुचि बढ़ती है तथा बासी व तला हुआ खाना पसंद करता है।

* शनि प्रभावित व्यक्ति को प्रॉपर्टी के विवादों का सामना करना पड़ता है। सगे-संबंधियों से पैतृक संपत्ति को लेकर मतभेद बढ़ता है। घर की कोई दीवार गिर सकती है। गृह निर्माण में धन खर्च करना पड़ता है।

* शनि व्यक्ति की टांगों पर का बुरा प्रभाव शुरु करता तो। इस समय व्यक्ति के घुटनो में जकड़न शुरू हो जाती है तथा व्यक्ति के चमड़े से बने हुए जूते या चप्पल खोने लगते हैं या जल्दी-जल्दी टूटने लगते हैं।

* शनि प्रभावित व्यक्ति को कर्मक्षेत्र में परेशानी आती है। व्यक्ति को पदोन्नति नहीं मिल पाती है। अधिकारियों से संबंध बिगड़ने लगते हैं व नौकरी छूट जाती है। व्यक्ति का अनचाही जगह पर तबादला होता है।

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