मंदिर जाते समय साथ ना रखें ये चीजें, माना जाता है बड़ा अपशकुन !!

हिंदू धर्म में व्यक्ति मंदिर जाकर भगवान के सामने अपनी आस्था प्रकट करता है और उन्हें अपनी भक्ति दर्शाता है। जब भी हम मंदिर जाते हैं तो हमें मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है और साथ ही अपने भीतर चल रहे उत्तल पुथल और तनाव से भी हमें मुक्ति मिलती है। भक्त मंदिर जाकर अपने आप को हर परेशानियों से मुक्त समझता है और मंदिर जाकर उन्हें विभिन्न प्रकार के फूल और फलों से उनका पूजन अर्चन करता है और साथ में ही धूप अगरबत्ती और पूजा के अन्य सामान भी समर्पित करता है।

लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजें भी बताई गई है जिन्हें मंदिर ले जाना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है तो आइए जानते हैं कौन सी है वह चीज।

चमड़े के जूते चप्पल बेल्ट पर्स आदि इन सब चीजों में चमड़े का प्रयोग होता है और अन्य जो भी चीजें हैं जिन्हें चमड़े का प्रयोग होता है उन्हें मंदिर में ले जाना शास्त्रों के द्वारा वर्जित माना गया है इसके पीछे वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों ही कारण छिपे हुए हैं। तो सबसे पहले बात करते हैं कि धार्मिक कारण क्या है चमड़ा जानवरों की खाल से बनाया जाता है इसलिए इसे अपवित्र माना जाता है इसी वजह से चमड़े से बनी कोई भी चीज का पूजा में उपयोग करना अब पवित्र माना जाता है और उनकी उपस्थिति से पूजा में कोई फल भी प्राप्त नहीं होता। और चमड़े से बनी चीजों का पूजा में उपयोग करना भी अपशगुन माना जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अगर हम बात करें तो चमड़े की वस्तु में बदबू होती है जिसे मिटाने के लिए उस पर विभिन्न प्रकार के केमिकल्स का उपयोग किया जाता है और यही केमिकल शरीर को नुकसानदायक होते हैं इसलिए पूजा के दौरान चमड़े से बनी चीजों का किसी भी रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।