आज जानिए; शव यात्रा के दौरान “राम नाम सत्य है” बोले जाने का सच..!!!

हमारे हिन्दू धर्म में जब मृत शरीर को श्मशान ले जाते हैं तो ‘राम नाम सत्य है’ जपते हैं । क्या आप जानते है कि लोग क्यों इस मंत्र का जाप करते हैं ?आज हम आपको बतायेगे की आखिर इन शब्दों का उपयोग शव यात्रा के दौरान ही क्यों किया जाता है। आज यहाँ हम उन कारणों को जानते हैं।

शवयात्रा लेकर जाते लोग
शवयात्रा लेकर जाते लोग
  • आपको बता दें की राम नाम सत्य है का अर्थ है की संसार में राम नाम ही सत्य है इस संसार में ये भगवान का नाम ही सर्वोच्च सत्य है। शव यात्रा के दौरान मृत का कोई महत्व नहीं होता है तब कहा जाता है राम नाम सत्य है अर्थात आत्मा सब कुछ छोड़कर भगवान के पास चली गई है। संसार में भगवान का नाम ही सबसे अधिक सत्य है। अत इस कारण शव यात्रा के दौरान राम नाम सत्य है बोला जाता है।

  • जब राम के नाम का जप किया जाता है, तब आत्मा से मुक्ति मिलती है। अंतिम संस्कार के दौरान इसे पढ़ने से ‘आत्मा’ या ‘जीवा’ चक्र से मुक्त हो जाता है।
शवयात्रा को लेकर परिजन
शवयात्रा को लेकर परिजन
  • यह मंत्र हमें यह एहसास कराता है कि भगवान को छोड़कर इस दुनिया में जो भी आया है सब चला जाएगा।
  • हिंदू शास्त्र, के अनुसार “रा मा” और बीजा अक्क्ष रा बूरे विचारों व सपनों को आने से रोकता है। और ये दोनों शब्द, “रा मा” हमें बूरे विचारों से जुड़ने से रोकता है। इस शब्द के प्रयोग सिर्फ बूरे विचार ही नहीं दूर होते बल्कि उसके बुरे कर्मों से भी दूर करता है।

  • इस मंत्र से मृत के रिश्तेदारों को उसे भूलने में मदद मिलता है क्यों कि आम तौर पर एक प्रिय की मौत के बाद लोग को काफी उदास हो जाते हैं तभी उसे इस मंत्र के उच्चारण से निराशाजनक से बाहर निकलने में मदद मिलता है।

॥ जय श्री राम ॥