प्रदोष व्रत : भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए करे ये व्रत !!!

आज 2 जुलाई को है प्रदोष व्रत |भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए किया जाता है प्रदोष व्रत | दक्षिण भारत में प्रदोष व्रत को प्रदोषम के नाम से भी जाना जाता है | चंद्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है जिसमे एक शुक्ल पक्ष के दिन तो दूसरा कृष्ण पक्ष के दिन किया जाता है | जब प्रदोष का इन सोमवार तब उसे सोम प्रदोष कहते है और यह भोम प्रदोष व्रत कहा जाता है जब यह मंगलवार के दिन आता है और जो प्रदोष व्रत शनिवार के दिन आता है उसे शनि प्रदोष कहते है |
प्रदोष व्रत भगवान् शिव को सम्पर्पित होता है | मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत में शिव भगवान् के साथ माता पार्वती , श्री गणेश , स्कन्दा और नंदी की भी पूजा आराधना की जाती है | भगवान शिव उसकी परेशानियों को दूसर करते है जो जातक प्रदोष व्रत करता है |

पूजा का मुहर्त :
प्रारम्भ समय :- 2 जुलाई 3 बजकर 13 मिनट
समाप्ति समय :- 3 जुलाई 1 बजकर 16 मिनट
व्रत पूजा विधि :
प्रदोष व्रत के दिन प्रातः में स्नान करने के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करे , फिर भगवान शिव का अभिषेक करे | पूजा में पंचामृत का प्रयोग करे , धुप दिखाए इसके पश्चाद भगवान् शिव भोग लगाए | भगवान् शिव की पूजा करने के बाद व्रत का संकल्प ले | मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान् शिव श्याम काल के समय कैलाश पर्वत पर नृत्य करने जाते है | इस दिन भगवान शिव अधिक प्रसन्न रहते है |
व्रत का महत्व :
आज का प्रदोष व्रत कई मान्यताओं में श्रेष्ठ है | चातुर्मास में पढ़ने वाला प्रदोष व्रत इसलिए श्रेष्ठ माना जाता है क्योकि इस दौरान शिव भगवान् धरती के करता धर्ता होते है और पृथ्वी का भ्रमण करते है |