आखिर क्यों विवाह होने के बावजूद भी इन देवियों को माना जाता है कुंवारी;जरूर जाने…!!!!

धार्मिक कथा (Religious Story)                

वैसे देखा जाए तो हमारे पुराणों में आपको कई ऐसे लेख मिलेंगे जो अपने आप में रहस्यमय है।

आज हम आपको पुराणों के इतिहास में मौजूद कुछ ऐसी ही महिलाओं के बारे में बताने जा रहें है।

शादी के बाद भी इन देवियों को माना जाता है कुंवारी ।

इन देवियों को माना जाता है कुंवारी
इन देवियों को माना जाता है कुंवारी

आइये जानते हैं आखिर क्यों है की इन देवियों को माना जाता है कुंवारी ।

इन देवियों को माना जाता है कुंवारी

अहिल्या

पद्मपुराण के मुताबिक ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या (Ahilya) को कुंवारी समझा जाता है।

एक बार देवराज इंद्र (Indra) की नजर देवी अहिल्या (Ahilya) पर पड़ी ।

और जब गौतम ऋषि स्नान और पूजन करने के लिए घर से गए।

तो इंद्र उनका रूप लेकर वहां पहुंच गए और मौके का फायदा उठाकर अहिल्या (Ahilya)से संबंध बनाए ।

परन्तु ऋषि ने इन्हें गलत समझ श्राप दे दिया।

पति के प्रति पूरी निष्ठावान होने पर भी उन्होंने श्राप को स्वीकार कर लिया और इसी वजह से उनके पवित्र कन्या माना गया है।

जिसके कारण उन्हें कौमार्या माना गया है।

इन देवियों को माना जाता है कुंवारी
इन देवियों को माना जाता है कुंवारी

द्रौपदी
पांचाली के बारे में तो आप जानते ही है ।

पांच पतियों की पत्नी होने पर भी द्रौपदी (Draupadi) का व्यक्तित्व काफी मजबूत था।

परन्तु इसके बावजूद उन्हें कुंवारी कन्याओं की श्रेणी में माना जाता है।

जीवनभर द्रौपदी (Draupadi) ने पांचों पांडवों (Pandav) का हर परिस्थिति में साथ दिया और कभी किसी एक पति के साथ रहने की जिद्द नहीं की।

अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से निभाते हुए अपने इसी त्याग की वजह से उन्हें कुंवारी कन्या की तरह माना गया है।

देवियों को माना जाता है कुंवारी

मंदोदरी
मंदोदरी (Mandodari) की बुद्धिमानता और सुंदरता देखकर लंका नरेश रावण ने उनसे विवाह किया था।

रावण की मौत के बाद श्रीराम के कहने पर विभीषण ने मंदोदरी को आश्रय दिया।

इन देवियों को माना जाता है कुंवारी
इन देवियों को माना जाता है कुंवारी

मंदोदरी (Mandodari) के गुण के कारण उन्हें महान माना गया है और उनकी पवित्रता कन्याओं की तरह मानी गई है।

कुंती
हस्तिनापुर के राजा पांडु की पत्नी कुंती (Kunti) ने शादी से पहले ऋषि दुर्वासा के मंत्र से सूर्य का ध्यान करके पुत्र की प्राप्ती की।

शादी के बाद पांडु की मौत के बाद कुंती (Kunti) ने वंश खत्म नहीं हो जाए ।

इन देवियों को माना जाता है कुंवारी
इन देवियों को माना जाता है कुंवारी

इसलिए उसी मंत्र का दोबारा इस्तेमाल करके अलग-अलग देवताओं से संतान प्राप्ति की।

उनके अपने राज्य के लिए गए इस कदम के कारण उन्हें कौमार्या माना गया है।

 

परम पिता परमेश्वर आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें ।

॥ जय महाकाल ॥

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