नवरत्न होते है बहुत खास और भी खास है उनका हमारे जीवन में होना: पढ़िए कैसे..!!!

जैसा की आप जानते ही है नवग्रहों का हमारे जीवन पर बहुत महत्व होता है उनका हमारे ऊपर खास प्रभाव पड़ता है जान लें नवग्रहों की स्थिति बच्चे के जन्म के समय निर्धारित हो जाती है जो समय के साथ साथ बदलते रहते है एवं हमारे जीवन को प्रभावित करते है ज्योतिष के अनुसार इन स्थितियों को नवरत्नों के माध्यम से सही किया जा सकता है नवग्रह एवं नवरत्नों में आपसी सम्बन्ध है ये एक -दूसरे के पूरक है। नवरत्न नवग्रहों की शक्तिओं को बढ़ाने का काम करते है।

नवरत्न होते है बहुत खास
नवरत्न होते है बहुत खास

आइये आज जानते है इन नवरत्नों का हमारे जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ता है

      1.माणिक्य

ये सूर्य से सम्बंधित ग्रह है ये सूर्य की कंपनशक्ति को बढ़ाने का काम करता है। सूर्य की कंपनशक्ति कम होने पर पेट के बीमारियां हो जाती हैं।  गेहूं इस गृह से सम्बंधित अन्न है।

  1. नीलम

नीलम अपने में अधिक कंपनशक्ति लिए होता है। इसलिए इसको धारण काने वाले को इसकी सही मात्रा का आंकलन करना आना चाहिए। यह शनि गृह से सम्बंधित रत्न है एवं इससे सम्बंधित फसल कला तिल है।

  1. पुखराज

यह बृहस्पतिगृह से सम्बंधित रतन है। पुखराज को बृहस्पति गृह की कंपनशक्ति प्राप्त करने के लिए धारण किया जाता है। कला चना इससे सम्बंधित अन्न है।

  1. हीरा

यह शुक्र ग्रह वाले से सम्बंधित रतन है। इस रत्न को शुक्र ग्रह की कंपनशक्ति को पूरा करने के लिए धारण किया जाता है। यदि शुक्र सही जगह पर स्थित है तो ये मनुष्य को ऐश्वर्य, उच्च भाग्य प्रदान करता है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से गृहस्थ जीवन सुखमय हो जाता है।

नवरत्न पर एक नज़र
नवरत्न पर एक नज़र
  1. मूंगा

यह मंगल गृह की स्थिति को ठीक करने वाला रत्न है। यह राजनितिक मामलों, आत्मशक्ति को बढ़ाने के लिए, प्रशाशनिक क्षमता बढ़ाने के लिए धारण किया जाता है। मूंगे को सोने या ताम्बे में धारण किया जाता है इससे सम्बंधित अन्न साबुत अरहर है।

  1. पन्ना

पन्ना बुध गृह का रत्न है। यह हल्के हरे रंग का रत्न होता है इसे धारण करने से स्वास्थय लाभ , घर में ख़ुशी आती है , गर्भवती इस्त्री के धारण करने से प्रसव पीड़ा कम होती है , मानसिक अशांति , रक्त संचार में सुचारुता आती है। इसकी कम्पन शक्ति की कमी होने पर ह्रदय रोग होने की भी आशंका रहती है। इससे सम्बंधित अन्न साबुत मूंग है।

  1. लहसुनिया

यह केतु गृह से सम्बंधित रत्न है। इसे धारण करने से सुख-समृद्धि,बहादुरी एवं बुरी आत्माओं से मुक्ति मिल जाती है। कुल्थी दाना इससे सम्बंधित है।

  1. गोमेद

यह राहु गृह का रत्न है।राहु की स्थिति ठीक न होने पर यह मानसिक विकार एवं मष्तिष्क में भ्रम उत्पन्न करता है , गोमेद इससे आराम प्रदान करता है भ्रम दूर करता है , जीवन में स्थिरता एवं सकारातमक ऊर्जा प्रदान करता है। इससे सम्बंधित धान्य उड़द है।

  1. मोती

यह चन्द्रमा का रत्न है। यह मन- मष्तिष्क को स्थिरता प्रदान करता है,धारक की स्मरण शक्ति को बढ़ाता है। ज्योतिषानुसार सोमवार को इसे धारण करना चाहिए। इसका धान्य धान है।

 

One Comment