नागपंचमी : इस दिन महिलाए अपने परिवार की रक्षा करने के लिए नाग को भाई मानकर करती है पूजा !!!

भविष्य पुराण के मुताबिक नागपंचमी पर नौ नागो की पूजा का विधान है , जिससे मिलती है सुख समृद्धि और शांति । इस बार नागपंचमी का त्यौहार 25 जुलाई को मनाया जा रहा है। इस दिन नाग देव की पूजा करने की परंपरा सालो से चली आरही है। भविष्य पुराण के साथ अन्य पुराणों में भी इसका महत्व बताया गया हैं। नाग पंचमी से जुडी एक कथा के मुताबिक़ ऐसा माना जाता है की इस दिन स्त्रियाँ सर्प को अपना भाई मानकर उसकी पूजा करती है और अपने भाई से कुटुंबजनों की रक्षा का आशीर्वाद मांगती है।

देवलोक में सर्पो को मिलती है ख़ास जगा :
सनातम धर्म में देवी – देवताओ के वाहन के रूप में पशु पक्षियों की पूजा का विधान है। नागलोक का इसके अलावा भी जिक्र आता है। यक्ष , गन्धर्व ,और किन्नरों के साथ नागो की भी देवी देवताओ के लोक में खास जगा है। इसलिए ही इनकी पूजा की जाती है।
महत्व : छुपे हुए और गुप्त धन की रक्षा करते है नाग देवता है –
नाग धन की रक्षा करने के लिए हमेशा तत्पर रहते है साथ ही q इन्हे गुप्त , छुपे और गड़े हुए धन की रक्षा करने वाला माना जाता है। नागदेवता , माँ लक्ष्मी की पूजा करते है। जो हमारे धन की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते है। इसलिए हमारे धन समृद्धि प्राप्ति के लिए नागपंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देव की आराधना से मनोकामनाए पूरी होती है। जिस किसी भी व्यक्ति को अपनी कुंडली में कालसर्प दोष होता है उसे इस दोष से मुक्त होने क लिए नाग पंचमी का व्रत करना चाहिए । जिसको सपने में अक्सर साप दिखाई देता है या फिर साप से डर लगता है उसको विधि विधान के साथ नागो की पूजा अर्चना करना चाहिए। खासतौर से नागपंचमी के दिन ज़रूर नाग देवता की पूजा करनी चाहिए उससे डर दूर होता है।