आज जानिए..!!कैसे मोक्ष स्थली गया का नाम पड़ा एक राक्षस के नाम पर..!!!

आज जानिए..!!कैसे मोक्ष स्थली गया का नाम पड़ा एक राक्षस के नाम पर..!!!

गया को मोक्ष प्राप्ति का स्थान कहा जाता हैं
गया को मोक्ष प्राप्ति का स्थान कहा जाता हैं

धार्मिक दृष्टि से गया को मोक्ष प्राप्ति का स्थान कहा जाता हैं। बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। हिन्दू गया में आकर अपने परिवार के मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति और पिण्डदान करते हैं। लेकिन क्या आप जानते है की मोक्ष स्थली गया का नाम एक राक्षस गयासुर के कारण मिला है? आइये आज जानते है ऐसा क्यों हुआ।

पुराणों के अनुसार गया में गयासुर नाम का एक राक्षस था । गयासुर को उसकी तपस्या के कारण वरदान मिला था कि जो भी उसे देखेगा या स्पर्श करेगा उसे यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। ऐसा व्यक्ति सीधे विष्णुलोक जाएगा।

इससे परेशान होकर यमराज ने जब ब्रह्मा, विष्णु और शिव से कहा कि गयासुर के कारण अब पापी व्यक्ति भी बैकुंठ जाने लगा है । यमराज की स्थिति

को समझते हुए ब्रह्मा जी ने गयासुर से कहा कि् तुम परम पवित्र हो इसलिए देवता तुम्हारी पीठ पर यज्ञ करेंगे। गयासुर के पीठ पर सभी देवता और गदा धारण कर विष्णु स्थित हो गए। गयासुर के पीठ पर एक बड़ा सा शिला भी रखा गया था। यह शिला आज प्रेत शिला कहलाता है।

प्रेत शिला
प्रेत शिला

गयासुर के इस समर्पण से वि्ष्णु भगवान ने वरदान दिया कि अब से यह स्थान जहां तुम्हारे शरीर पर यज्ञ हुआ है वह गया के नाम से जाना जाएगा।

यहां पर पिंडदान और श्राद्ध करने वाले को पुण्य प्राप्त होगा और जिसका श्राद्ध हुआ हो उसको मुक्ति मिल जाएगी।

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