सुख समृद्धि में ला देंगी बाधा, वास्तु की ये गलतियां;भूलकर भी न करें…!!!

वास्तु, हमारे घर में सुख समृद्धि बनाये रखने की वह अद्भुत कला है जो दस दिशाओं तथा पांच तत्वों । किसी भी दिशा या तत्व में दोष हो जाने से वास्तु नकारात्मक प्रभाव देने लगती है।

आज हम बात कर रहें है वास्तु की किन गलतियों से हमारे सुख समृद्धि में बाधा आ सकती है इसके लिए हमें जानना होगा की वास्तुनुसार घर के अंदर उपयोग में आने वाले सामान को सही दिशा में रखना आवश्यक है, वरना उसका नकारात्मक असर वहां रहने वालों को प्रभावित करेगा। आइये जानते है:

वास्तुशास्त्र
वास्तुशास्त्र
  • घर के उत्तर या पूर्व की दिशा ड्रेसिंग टेबल के लिए उपयुक्त मानी गयी है। परंतु इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है कि ड्रेसिंग टेबल में लगा आईना सोने के पलंग के ठीक सामने न हो और सोते समय उसमें शरीर का कोई अंग भी दिखाई न देता हो। यदि ऐसा है तो सोने से पहले उस आईने को ढक देना चाहिए अन्यथा पति-पत्नी के रिश्ते तो खराब होंगे ही, बीमारिया भी पीछा नहीं छोड़ेंगी।
  • बता दें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर, जनरेटर, ट्रांसफॉर्मर, इन्वर्टर, मिक्सर, मीटर आदि को सदैव दक्षिण पूर्व अथवा दक्षिण दिशा में ही रखना चाहिए।

  • किचन में गैस या स्टोव को दक्षिण-पूर्व में रखना उचित होता है।
  • वाशिंग मशीन को उत्तर-पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए अगर इस दिशा में जगह न हो तो उत्तर या पूर्व के मध्य में भी रख सकते हैं।
  • घर-परिवार में अनावश्यक पैसा खर्च न हो, इसके लिए धन और आभूषण रखने की आलमारी या तिजोरी को दक्षिण दिशा की दीवार से लगाकर इस प्रकार रखें कि उसके दरवाजे उत्तर दिशा में खुलें।
वास्तु की गलतियों से हमारे सुख समृद्धि में बाधा
वास्तु की गलतियों से हमारे सुख समृद्धि में बाधा
  • बैडरूम में तिजोरी को भूलकर भी नहीं रखना चाहिए। बेडरूम के दरवाजे के ठीक सामने पलंग को रखना दोषपूर्ण है। इसके अलावा बैडरूम में युद्ध, लड़ाई, डूबता सूर्य, मृत पशु या मनुष्य की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए वरना इनसे निकलने वाली नकारत्मक ऊर्जा जीवन को प्रभावित करेगी। पति-पत्नी के अच्छे संबंधों के लिए बैडरूम में लवबर्डस, राधकृष्ण, शंख या हिमालय आदि की तस्वीर लगाई जा सकती है। बैडरूम में मछली घर नहीं रखना चाहिए अन्यथा मानसिक अस्थिरता या अनिद्रा की समस्या हो सकती है।
  • घर के गेस्टरूम में आलमारी के लिए उपयुक्त स्थान पश्चिम या दक्षिण की दीवार है। यहाँ मेज या कुर्सी पूर्व या उत्तर की ओर रखें।
  • घर में घड़ी के लिए सकारात्मक दिशा पूर्व, उत्तर या पश्चिम की दीवार है।
  • ड्राईंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह के लिए एक्वेरियम पूर्व या उत्तर में इस प्रकार रखें कि बाहर से आने वालों की नजर सीधे उस पर पड़े।

  • यदि घर में ही ऑफिस या व्यावसायिक कार्य करना है तो दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे श्रेष्ठ मानी गयी है। इस दिशा में स्वयं का मुख पूर्व या उत्तर की ओर रखना चाहिए जबकि क्लाइंट्स का मुख पश्चिम या दक्षिण की ओर रहना चाहिए।
  • डाइनिंग टेबल किचन के पास या उससे लगी दक्षिण-पूर्व दीवार के पास होना आवश्यक है।

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