जानिए मेहर की माता शारदा मंदिर का अद्भुत रहस्य :

मैहर की माता शारदा का मंदिर मध्यप्रदेश में रीवा के पास सतना जिले में मैहर तहसील के पास त्रिकुट पर्वत पर स्तिथ है । इस मंदिर का रहस्य अद्भुत है । इस मंदिर से जुड़ी यह मान्यता है कि जब भी इस मंदिर के पट बंद रहते है , मंदिर के अंदर से घंटी बजने की साथ ही पूजा करने की आवाज़ सुनाई देती है । यह मान्यता आज भी है कि माता का भक्त आल्हा पूजा करने आता है , परंतु जब मंदिर के पट खुल जाते है मंदिर में कोई भी नज़र नही आता ।

आज भी सबसे पहले माता शारदा का परम भक्त आल्हा मंदिर में पूजा करता है । इस माना जाता है कि मन्दिर के पीछे आल्हा तालाब में आल्हा और उदल कुश्ती लड़ा करते थे ।

इस मंदिर में भक्त 1063 सीढ़ी लांघ कर दर्शन करने आते है । सतना जिले की मैहर तहसील के पास त्रिकुट पर्वत पर माता के इस मंदिर को मैहर देवी के मंदिर के नाम से जाना जाता है |मैहर का अर्थ है माँ का हार । माता शरद का वास मैहर नगरी से 5 किलोमीटर दूर त्रिकुट पर्वत पर स्तिथ है । शारदा माता का मंदिर पर्वत के मध्य मैं स्तिथ है ।

त्रिकुट पर्वत पर भूतल से 600 फूट की ऊँचाई पर मैहर देवी का मंदिर स्तिथ है । मंदिर तक जाने के लिए 300 फ़ीट की यात्रा गाड़ी से भी कर सकते है । मंदिर के निकट त्रिकूट पर्वत से सटा मंगल निकेतन धर्मलशाला है । इस धर्मशाला के पास से एलजी नदी बहती है ।

सतना का मैहर माता शारदा का यह मंदिर पूरे भारत मे इकलोता मंदिर है । त्रिकुट पर्वत पर माता शारदा के साथ श्री काल भैरव , भगवान हनुमान , दुर्गा देवी , शेष नाग , ब्रह्म देव , फूलमती माता , श्री गोरी शंकर , देवी काली की भी पूजा की जाती है