जरूर पढ़िए..!!अद्भुत शिवलिंग जो जितना जमीन से उपर दिखाई देता है उससे ज्यादा है जमीन में दबा..!!!

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के खजुराहो में मतंगेश्वर महादेव का एक ऐसा मंदिर भी है, जहां शिवलिंग 9 फीट जमीन के अंदर और उतना ही बाहर है,ये सुनने में बहुत ही अजीब लगता है पर ये दरहसल में एक दम सत्य है।इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण है इसके अंदर स्थित करीब ढाई मीटर ऊंचा शिवलिंग, जिसका व्यास एक मीटर से भी ज्यादा है।इस शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यह शिवलिंग जितना जमीन से उपर दिखाई देता है, उससे ज्यादा यह जमीन में दबा है कहते हैं कि ये मंदिर केवल आराधना के उद्देश्य से ही नहीं बनवाए गए थे।यहां शिव की पूजा नाम से की जाती है।यहां के लोगों की मान्यता है कि खजुराहो ही वह स्थान है,जहां भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ संपन्न हुआ था।मतंगेश्वर का एक अर्थ प्रेम का देवता भी होता है।

इस मंदिर के बारे में एक पौराणिक कथा है कि भगवान शंकर के पास मरकत मणि थी।जिसे शिव ने पांडवों के भाई युधिष्ठिर को दे दी थी।युधिष्ठिर के पास से वह मणि मतंग ऋषि पर पहुंची और उन्होंने राजा हर्षवर्मन को दे दी।मतंग ऋषि की मणि की वजह से ही इनका नाम मतंगेश्वर महादेव पड़ा, इस मंदिर में 8फीट ऊँचा एक भव्य और विशाल शिवलिंग है, मरकत मणि इस शिवलिंग के नीचे दबी हुई है।शिवलिंग को चमकदार बनाने के लिए इस पत्थर को पॉलिश किया गया है।यहाँ के पुजारी से जब बात आकृ गई तो उन्होंने बताया कि मतंगेश्वर भगवान के शिवलिंग की लंबाई को पर्यटन विभाग के कर्मचारी बकायदा इंच टेप से नापते हैं।जिसके बाद वाकई लंबाई पहले से कुछ ज्यादा मिलती है।खास बात यह है कि शिवलिंग जितना ऊपर की ओर बढ़ता है, ठीक उतना ही नीचे की तरफ भी बढ़ता है।यह चमत्कार देखने लोगों का हुजूम उमड़ता है।

यह प्राचीन मंदिर खजुराहो में बनाया गया सबसे पहला मंदिर है । भक्त लोग हररोज़ इस मंदिर में आते हैं। बाकी मंदिरों की तुलना में इस मंदिर का डिज़ाइन बहंत साधारण है लेकिन फिर भी यह बहुत लोकप्रिय है।

 

॥ जय मतंगेश्वर महादेव॥

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