क्यों मामा शकुनी कभी जुए में नहीं हारे;क्या हैं उनके अद्भुत पासों का राज़..!!!

 क्यों मामा शकुनी कभी जुए में नहीं हारे;क्या हैं उनके अद्भुत पासों का राज़..!!!

मामा शकुनि अपने अद्भुत पासों के साथ जुआ खेलते हुए
मामा शकुनि अपने अद्भुत पासों के साथ जुआ खेलते हुए

शकुनि मामा को हम सब जानते हैं। उन्होंने अपनी चतुराई से जुए का ऐसा खेल खेला कि कौरव और पांडव महाभारत के महायुद्ध के ल‌िए तैयार हो गए और कुरु वंश का व‌िनाश हो गया। कहा जाता है कि शकुनी ने यह सब धृतराष्ट्र से बदला लेने क लिए किया। शकुनी नही चाहते थे कि उसकी बहन गांधारी का व‌िवाह अंधे धृतराष्ट्र से हो।

भीष्म पितामाह के दबाव के कारण गांधारी को धृतराष्ट्र से विवाह करना पड़ा। बदले की भावना के कारण उन्होंने अपने भांजों और बहन के खानदान का अंत कर द‌िया।परन्तु दूसरी तरफ यह भी कहा जाता है कि एक बार भीष्म पितामाह को गांधारी के बारे एक ऐसा सच पता चला जिसे जानकार भीष्म नाराज हो गए। भीष्म नही चाहते थे कि गांधारी के विवाह के पूर्व का यह सच किसी और को पता चले। इसी उद्देश्य से उन्होंने शकुनी के पुरे परिवार को जेल में डाल दिया। जेल में शकुनी के परिवार को केवल इतना ही भोजन दिया जाता था कि उनके पेट को थोड़ा भी सहारा न लगे और वह धीरे धीरे भूख से तड़प कर

मर जाएं।

शकुनी की चौरस में रूचि थी। जब बंदी गृह में शकुनी के पिता प्राण त्यागने लगे। तब उन्होंने शकुनी से कहा कि तुम मेरी मृत्यु के बाद मेरी उंगल‌ियों से पासे बना लेना। इनमें मेरा आक्रोश भरा हुआ है। ज‌िससे चौसर के खेल में तुम्हे कोई हरा नहीं पाएगा।

पिता की मृत्यु के बाद शकुनी ने उनकी उँगलियों से बने पासे से चौसर खेलना शुरू कर दिया। उन पासों के साथ खेलने के कारण कोई उन्हें कभी न हरा सका। इसी वजह से शकुनी हर बार पांडवों को हराने में सफल हुए और पांडव अपना सब कुछ हार गए।

 

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