आखिर क्यों श्रेष्ठ हैं हनुमान ….??????

आखिर क्यों श्रेष्ठ हैं हनुमान ….??????

भक्ति में लीन हनुमान

भगवान श्री राम के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति को दर्शाने वाले उनके भक्त हनुमान को तो हम सभी जानते ही है, पर क्या आप जानते हैं वे क्यों हैं श्रेष्ठ,आइये जानते है ।

हनुमान जी सभी देवताओ मैं श्रेष्ठ इसलिए हैं क्योंकि वो खुद भगवान शिव के अवतार होते हुए भी, इतने शक्तिशाली होते हुए भी अपने प्रभु श्री राम के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं । वे उनकी सेवा में निरंतर लगे रहते हैं । बस राम राम जपते रहते हैं । यही खूबी उनकी अपने आप को महान बनाती हैं । सभी देवताओ के पास अपनी शक्ति हैं । जैसे ब्रह्मा विष्णु महेश तीनो देवो के पास अपने अलौकिक शक्तियाँ उनके साथ है ।ब्रह्मांड के रचयेता भगवान ब्रह्मा के पास हैं विद्या की देवी माँ सरस्वती ,ब्रह्मांड के संहारक भगवान शिव के साथ रहती हैं माँ पार्वती , ब्रह्मांड के पालनकर्ता भगवान विष्णु के पास है धन की देवी माँ लक्ष्मी पर भगवान हनुमान के पास खुद की शक्ति है, वे अपने खुद की शक्ति से ब्रह्मांड में स्थापित है ।

संकटमोचन हनुमान

भगवान हनुमान की एक और विशेषता उनको महान बनाती है ।वे संकटमोचन कहलाते है ,जब भी उनका भक्त मुसीबत में होता है वे तुरंत उसकी सहायता करने आ जाते है । कहा जाता है हनुमान के सच्चे भक्त पर कभी संकट नहीं आता। अगर भक्त सच्चा है उसका मन सच्चा है वो निर्स्वाथ भाव से अपने प्रभु भगवान हनुमान को पूजता है तो उसको संकट कभी नहीं घेर सकता है ।हनुमान एक ऐसे देवता है जो कलयुग के अंत तक रहेंगे । हिन्दू धर्म गर्न्थो और पुराणों में यह बताया गया है की हनुमान जी इस पृथ्वी में कलयुग के अंत होने तक निवास करेंगे । 13 वीं शताब्दी में माधवाचार्य, 16 वीं शताब्दी में तुलसीदास, 17 वीं शताब्दी में राघवेंद्र स्वामी तथा 20 वीं शताब्दी में रामदास , ये सभी यह दावा करते है की इन्हे हनुमान जी के सक्षात दर्शन हुए. । भक्तो का ऐसा मानना है आज भी कही रामायण पढ़ी या सुनी जाती है, वहां हनुमान होते ही होते है ।

भगवान हनुमान आप सभी पर अपनी कृपा बनाये रखे ।

॥जय हनुमान ॥

17 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published.