पढ़िए आख़िर क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज..???

पढ़िए आख़िर क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज..!!!

भगवान शिव ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया
भगवान शिव ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया

सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को कज्जली तीज या हरियाली तीज कहा जाता है,इस दिन महिलाएं शिव-पार्वती का विशेष पूजन करती हैं। इस साल हरियाली तीज 26 जुलाई को मनाई जा रही है। इस दिन जगह-जगह झूले पड़ते हैं। इस त्योहार में स्त्रियां हरी लहरिया या चुनरी में गीत गाती हैं, मेंहदी लगाती हैं,श्रृंगार करती हैं, झूला झूलती हैं नाचती हैं। आज हम आपको बता रहें है की हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है?

  • इसे सबसे पहले गिरिराज हिमालय की पुत्री पार्वती ने किया था जिसके फलस्वरूप भगवान शंकर उन्हें पति के रूप में प्राप्त हुए।
  • कुंवारी लड़कियां भी मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत रखकर माता पार्वती की पूजा करती हैं।
  • हरियाली तीज के दिन भगवान शिव ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया।

  • पार्वती के कहने पर शिव जी ने आशीर्वाद दिया कि जो भी कुंवारी कन्या इस व्रत को रखेगी उसके विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होंगी।

 

॥ जय भोलेनाथ ॥

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