जानिये क्या दान करने से मिलेगा मनचाहा वरदान – आपकी सभी समस्याओं का अंत …..

दान का अर्थ है मनुष्य और अन्य प्राणियों को खुशी देना। जब आप दूसरों को खुशी देते हैं, तो बदले में आपको खुशी मिलती है। खुदकी चीज़ देने के बावजूद आपको खुशी होती है, क्योंकि आपने कुछ अच्छा किया है।

 

शास्त्रों में दान को लेकर कई महत्व बताए गए है
शास्त्रों में दान को लेकर कई महत्व बताए गए है

हमारे शास्त्रों में दान को लेकर कई महत्व बताए गए है। अथर्ववेद में कहा गया है “शतहस्त समाहर सहस्त्रहस्त सं किर” अर्थात “सैकड़ों हाथों से धन अर्जित करो और हजारो हाथों से उसे बांटो” । कहते हैं हर व्यक्ति को अपनी श्रद्धा के अनुसार कुछ न कुछ दान अवश्य करना चाहिए। वेद में दान करने के लिए धन कमाना मनुष्य के लिए आवश्यक कर्म माना गया है।

भारतीय संस्कृति में माना जाता है की दान से देवता भी वश में हो जाते है दान ईश्वर की प्रसन्नता प्रदान करता है। ऐसा भी कहा जाता है सब लोग भगवान को खोजते है लेकिन भगवान खुद दानी को खोजते है।

दीपदान
दीपदान

लेकिन दान उसे ही देना चाहिए, जिसे उसकी आवश्यकता हो। धन-धान्य से संपन्न व्यक्ति को या दुराचारी व्यक्ति को दिया गया दान व्यर्थ माना जाता हैं क्योकि जरूरतमंद व्यक्ति को दान देने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

आज हम आपको बता रहें है कि शास्त्रों के अनुसार किस चीज़ का दान करने से हमें क्या फल मिलेगा :-

वस्त्र – मृत्यु के बाद स्वर्ग प्राप्ति के लिए वस्त्रों का दान किया जाना चाहिए।

गुड़ – धन-धान्य की प्राप्ति के लिए गुड़ का दान करना चाहिए।

चांदी – अच्छे रूप और सौंदर्य के लिए चांदी का दान किया जाता है।

दीपदान – दीपों का दान करने से नेत्र संबंधी रोग नहीं होते है।

औषधि – जरूरतमंद को औषधि का दान करने से सुख की प्राप्ति होती है।

गाय को घास – गाय को घास खिलाने से पापों से मुक्ति मिलती है।

गाय को घास
गाय को घास

तिल – तिल दान करने से संतान की प्राप्ति होती है।

लोहा – लोहा दान करने से रोगों का नाश होता है।

स्वर्ण(सोना) – सोना दान करने से लम्बी उम्र मिलती है।

घी – घी दान करने से घर में धन-धान्य हमेशा बना रहता है।

भूमि – भूमि दान करने से उत्तम घर की प्राप्ति होती है।

गौ – गाय का दान करने पर सूर्यलोक की प्राप्ति होती है।

नमक – नमक दान करने से कभी अन्न की कमी नहीं होती है।

कपास – कपास दान करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

कपास का दान
कपास का दान

सप्तधान्य – सात तरह के अनाजों का दान करने से धन-सम्पति मिलती है।

वाहन – वाहन का दान करने से अच्छी पत्नी की प्राप्ति होती है।

बैल – बैल का दान करने पर सम्पति की प्राप्ति होती है।

अष्ट महादान

तिल, लोहा, स्वर्ण(सोना), कपास, नमक, सप्तधान्य, भूमि, गाय। शुभ प्रसंग या त्यौहार पर इनका दान करना सबसे शुभ माना जाता है।

सोने का दान
सोने का दान

दस महादान

गाय, भूमि, तिल, स्वर्ण, घी, वस्त्र, धान्य, गुड़, चांदी, नमक। यह दस महादान पितरों के निमित दिए जाते है। दान करते वक़्त हमेशा ध्यान रखें कि, व्यक्ति का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए और दान लेने वाले का मुंह उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।

 

॥ जय महाकाल ॥

 

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