पैसो को निश्चित तौर पर अपनी और खिचता है यह मंत्र !! आज ही जपे यह इस तरीके से होगी घर मे बरकत ही बरकत !!

आज हम आपको कुबेर देव का एक ऐसा मंत्र बताने जा रहे हैं जिसको जाप करने से धन प्राप्ति के हैं यह माना जाता है कि अगर किसी गलती के कारण मां लक्ष्मी आप से दूर हो तो आप कुबेर देव को प्रसन्न कर भी धन का योग अपने लिए बना सकते हैं। जैसा कि आप सब जानते ही हैं कि कुबेर देव धन के देवता कहलाते हैं। इसी के साथ ही वे देवताओं के कोषाध्यक्ष भी है यानी की विधि उत्तर के खजाने की रक्षा करते हैं। स्वयम महादेव शिव ने कुबेर देवता को देवों के खजाने का रक्षक नियुक्त किया था । शास्त्रों के अनुसार कुबेर देव अपने पूर्व जन्म में चोर थे। प्रचलित कथा के अनुसार कुबेर देव ने पिछले जन्म में चोरी करते समय अनजाने में ही एक ऐसा उपाय कर लिया था, जिससे उन्हें कुबेर देव का पद प्राप्त हुआ। वे मंदिरों की धन-संपदा भी चोरी किया करते थे। एक रात वे भगवान शिव के मंदिर में चोरी करने पहुंचे। उस समय काफी अंधेरा था। अंधेरे में उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, तब उन्होंने चोरी करने के लिए एक दीपक जलाया। दीपक के प्रकाश में उन्हें मंदिर की धन-संपत्ति साफ-साफ दिखाई देने लगी।

कुबेर देव मंदिर का सामान चोरी कर ही रहे थे कि हवा से दीपक बुझ गया। उन्होंने पुन: दीपक जलाया, थोड़ी देर बाद फिर हवा चली और दीपक बुझ गया। कुबेर ने पुन: दीया प्रज्जवलित कर दिया। यह प्रक्रिया कई बार हुई।रात के समय शिवजी के समक्ष दीपक लगाने पर महादेव की असीम कृपा प्राप्त होती है। कुबेर यह बात नहीं जानते थे, लेकिन रात के समय बार-बार दीपक जलाने से भोलेनाथ कुबेर से अति प्रसन्न हो गए।कुबेर देव द्वारा अनजाने में की गई इस पूजा के फलस्वरूप महादेव ने उन्हें अगले जन्म में देवताओं का कोषाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। तभी से कुबेर देव महादेव के परमभक्त और धनपति हो गए। पूरी धरती पर धन संपदा के व एकमात्र मालिक है तथा इन्ही की कृपा से धन प्राप्ति के योग बनते हैं। उनके अध्यक्ष होने के कारण ही धन साधना द्वारा खुश किया जा सकता है।

दोस्तों कई लोग ऐसा सोचते हैं कि मंत्रों में ऐसा क्या है कि भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं तो आज हम आपको बता दें कि मंत्र कलयुग में भगवान को प्राप्त करने का सबसे आसान मार्ग है मंत्रों के माध्यम से आप किसी भी भगवान को प्रसन्न कर सकते हैं। तो आज हम आपको बताते हैं कुबेर देव का वह मंत्र जो धन प्राप्ति का योग बनाता है।  यह मंत्र इस प्रकार है।

ओम यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धन आधिपत्य धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा !

एक बार और हम आपको बताते दोस्तों मंत्र है ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धन आधिपत्य धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा। दोस्तों इस मंत्र को दक्षिण की ओर मुख करके सिद्ध किया जाता है यह एक अमोघ मंत्र माना जाता है इस मंत्र का करीब 3 महीने लगातार 108 बार जप करके सिद्धा आप कर सकते हैं। अगर आप मंत्र जप करते समय अपने सामने श्री यंत्र रखे तो यह और भी शीघ्र फल प्रदान होगा। इसके बाद जो कौड़ियां मंत्र जाप के समय अपने सामने रखते थे उसे आप अपने अलमारी और तिजोरी में रख ले ऐसा करने से कुबेर देव की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी और आपके घर में धन धान्य और सुख संपत्ति सब परिपूर्ण होगा।

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