श्रीकृष्ण ने बताया था पांडवों को फिर से धनवान होने का यह एक रास्ता, आप भी अपनाये और हासिल करे अपना खोया हुआ राज पाट !!

श्रीकृष्ण ने बताया था पांडवों को फिर से धनवान होने का यह एक रास्ता !!

महाभारत में कौरवों के विरुद्ध जुआ खेलने पर जब पांडव अपना राज-पाठ सब हार गए और उन्हें वन में दर-दर की ठोकरें खानि पड़ी तो भगवन श्रीकृष्ण ने उन्हें एक उपाय सुझाया। भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों में सबसे बड़े युधिस्ठिर को पास बुला कर उन्हें भाद्र शुक्ल चतुर्दशी त‌िथ‌ि का व्रत करने की सलाह दी। इस व्रत से अनंत भगवान व‌िष्‍णु और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्‍त होती है। इसी व्रत से आपको पुनः राजलक्ष्मी की प्राप्त‌ि होगी और आपको आपका खोया हुआ राज पाट सब मिल जायेगा।

इस व्रत का सीधा लाभ आपको आपके धन धान्य पर मिलेगा बस पूजन की विधि को ध्यान में रखें।

भगवान श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा था क‌ि जो इस पुण्यदायी व्रत को रखता है और अनंत भगवान की पूजा करके अनंतसूत्र को धारण करता है उसके सारे कष्ट और संकट अनंत भगवान हर लेते हैं।अनंत चतुर्दशी के पूजन में व्रत रखने वाले को सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प करना पड़ता है। इसके बाद घर के मंदिर में कलश स्थापित करके कलश पर भगवान विष्णु का चित्र स्थापित करना पड़ता है। इसके बाद कच्चा धागा लें जिस पर चौदह गांठें लगाएं इस प्रकार अनन्तसूत्र तैयार हो जाने पर इसे भगवान के पास रखें। अंनत सूत्र बाजार में भी उपलब्ध होता है, आप चाहें तो इनका भी प्रयोग कर सकते हैं। जब सब तैयारी हो जाए तब भगवान विष्णु के साथ अनंतसूत्र की षोडशोपचार-विधि से पूजन कर लें।

इसके उपरांत ॐ अनन्तायनम: मंत्र का जप करते हुए अनंत भगवान की पूजा करनी चाहिए। पूजा ख़त्म होने के बाद पुरुषों को अनंत सूत्र दाएं बाजू में और महिलाओं को बाएं बाजू में धारण करना चाहिए।

47 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published.