जरूर पढ़ें; किस उंगली से करा गया तिलक क्या फल प्रदान करता है..!!!

हमारी भारतीय संस्कृति में जो भी रस्में है या जो भी हम रोज़ नियम अपनाते है वे पूर्णतः वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित होते है यह जरूर है की हम अपने ज्ञान के अभाव में इस संस्कृति को ही अंधविश्वास की दृष्टि से देखते है या देखने लगे है। ऐसे में हमें सिर्फ अपना नजरिया बदलने की जरुरत है

तिलक लगाने से माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है
तिलक लगाने से माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है

आध्यात्म को विज्ञान से न जोड़कर हमें विज्ञान को आध्यात्म से जोड़कर देखने की जरुरत है यदि ऐसा होगा तो हमारे सभी प्रश्नों का समाधान स्वतः ही मिल जाएगा परन्तु शायद ऐसा करना विज्ञान और वैज्ञानिक को गवाँरा नहीं होगा। जिस प्रकार एक आध्यात्मिक पुरुष अपने अंतः चेतना और अपने

दिव्यचक्षु दीपक ( आतंरिक प्रयोगशाला ) से जिन तथ्यों का आत्मसाक्षात्कार किया है आज वही तथ्य विज्ञान के लिए एक रहस्य बना हुआ है।

तिलक लगाने से माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है, आज्ञाचक्र संयमित व सक्रिय रहता  हैं तथा व्यक्ति को अनेक प्रकार के संकटों से बचाता है। तिलक उत्तर की ओर मुंह करके भृकुटि मध्य में   लगाना चाहिए। बिना तिलक के पूजा अर्चना करने से पूर्ण फल नहीं मिलता है। अतः हमें तिलक जरूर लगाना चाहिए।जहाँ कई लोग रोज़ तिलक लगाते है वही कई लोग कोई त्यौहार या कार्यक्रम में लगाते है  आज हम यह बताने का प्रयास करने जा रहे है

हाथ की उँगलियाँ नाम सहित
हाथ की उँगलियाँ नाम सहित

की तिलक वा टीका लगाने के लिए हम जिस अंगुली का प्रयोग करते है उसका कितना महत्त्व है। वस्तुतः हाथ की प्रत्येक उंगुली का अपना महत्त्व है। बतादें हस्तविज्ञान  में प्रत्येक उंगली को किसी न किसी ग्रह से जोड़ा गया है जैसे

उंगली प्रतिनिधि ग्रह

  • कनिष्ठिका – बुध
  • अनामिका – सूर्य
  • मध्यमा – शनि
  • तर्जनी –  गुरु
अनामिका ऊँगली से तिलक
अनामिका ऊँगली से तिलक

पांचो उंगलियों में पांच तत्व

  • अंगूठा- अग्नि,
  • तर्जनी- वायु,

  • मध्यमा- आकाश,
  • अनामिका- पृथ्वी
  • कनिष्ठिका – जल
मध्यमा ऊँगली से तिलक
मध्यमा ऊँगली से तिलक

किस कार्य में किस अंगुली से तिलक

विष्णु संहिता के अनुसार किस कार्य में किस अंगुली से तिलक लगाना चाहिए बताया गया है तो आइये जानते है ।

  • कनिष्ठिका उंगली – ऋषि कार्य में
  • अनामिका उंगली – देव कार्य में
  • मध्यमा उंगली – पितृ कार्य में ,
  • तर्जनी – तांत्रिक कार्यों में
साधु तिलक लगाते हुए
साधु तिलक लगाते हुए

किस उंगली से तिलक लगाने से क्या फल मिलेगा

  • अनामिका – शांति तथा मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
  • मध्यमा- आयु में वृद्धि होती है।
  • तर्जनी – मोक्ष मिलता है।
  • अंगूठा – पुष्टिवर्धक कहा गया है।

 

 

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