करवा चौथ के दिन सासू माँ है बहुत महत्वपूर्ण :जानिए कैसे..!!!!

वैसे तो एक बहु की ज़िन्दगी में उसकी सासू माँ बहुत ही महत्वपूर्ण होती है । जो ससुराल में उसकी माँ रहती है । आज हम बात कर रहें है करवा चौथ के दिन सासू माँ की बहुत एहम भूमिका होती है जानिए कैसे । ऐसा इसलिए है, करवाचौथ के व्रत में सास का महत्वपूर्ण स्थान है, उस मां की पूजा होनी

करवा चौथ
करवा चौथ

ज़रूरी  है । सास जब बहू को सरगी देती है, तो एक तरह से वो आपको ये आशीर्वाद देती है कि जो तप तुम मेरे बेटे के लिए करने जा रही हो, उसे तुम अच्छी तरह से पूरा कर पाओ ।

करवा चौथ के दिन सास का महत्व

  • सुबह सूरज उगने से पहले सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसमें बहू के लिए कपड़े, उसके सुहान की चीज़ें जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि, साथ ही फेनिया, फ्रूट, ड्राईफ्रूट, नारियल आदि रखा जाता है ।सास द्वारा दी हुई सरगी से बहू अपने व्रत की शुरुआत करती है । अगर सास साथ में नहीं हैं, तो वो बहू को पैसे भिजवा सकती हैं, ताकि वो अपने लिए सारा सामान ख़रीद सके ।
करवा चौथ पर बहु को सरगी
करवा चौथ पर बहु को सरगी
  • सुबह सूरज निकलने से पहले सास की दी हुई फेनिया बनाकर पहले अपने पित्रों, गाय, कुत्ते और कौए का हिस्सा अलग रख लें । फिर अपने पति और परिवार के लोगों के लिए भी अलग निकाल दें । फिर उस फेनिया और सास के दिए हुए फ्रूट, ड्राईफ्रूट, नारियल खाकर ही व्रत की शुरुआत करें ।
  • फिर सास के दिए हुए कपड़े और शृंगार की चीज़ें पहनें ।
करवा चौथ पर कथा सुनती महिलाएं
करवा चौथ पर कथा सुनती महिलाएं

करवाचौथ के व्रत में सास का बहुत महत्व होता है, लेकिन जिन बहुओ की सास नहीं हैं या सास विधवा हैं, तो उन्हें क्या करना चाहिए ये भी हम आपको बता देते हैं ।

  • यदि आपकी सास जीवित नहीं हैं, तो भी सास के हिस्से का बायना ज़रूर निकालें और उसे किसी ऐसी महिला को दें, जिसे आप सास के समान मानती हैं ।
करवा चौथ पर पूजा की थाली
करवा चौथ पर पूजा की थाली
  • कई लोग ये मानते हैं कि सास यदि विधवा हैं, तो उनके लिए बायना नहीं निकालना चाहिए, लेकिन ये बिल्कुल ग़लत है । आप अपनी सास के बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत कर रही हैं इसलिए पति के लिए व्रत रखने के लिए उनकी मां से शुभ और कोई नहीं हो सकता । आपके पति की उतनी चिंता किसी को नहीं हो सकती, जितनी आपकी सास को है । अत: विधवा सास के लिए भी बायना ज़रूर निकालें ।

 

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