जानिए करवा चौथ पर कौन-से 5 काम करना है जरुरी;बिना करें कहीं अधूरी न रह जाए आपकी करवा चौथ..!!!

इस साल 8 अक्टूबर को करवा चौथ का पावन त्योहार मनाया जा रहा है। बता दें जहाँ विवाहित महिलाओं के लिए सबसे खास माना जाता है वहीँ अविवाहित कन्या भी इसे अच्छे पति को पाने के लिए करती है ।आज हम आपको बता रहें है इस दिन यदि व्रत के साथ-साथ पूरी श्रद्धा और प्रेम से कुछ

करवा चौथ पर चाँद की पूजा
करवा चौथ पर चाँद की पूजा

खास काम किए जाएं तो महिलाओं को उनके व्रत का फल जरूर मिलता है, इस दिन कुछ काम करने का विशेष महत्व होता है। तो आइये जानते है वे कौन से काम है जो इस दिन करना है जरुरी और हमें करना भी चाहिए:

पहनें लाल साड़ी या लहंगा

करवा चौथ का व्रत महिलाओं के वैवाहिक जीवन से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन हो सके तो पूजा के समय महिलाओं को अपनी शादी का जोड़ा पहनना चाहिए और कुवारी कन्या को लाल सूट पहनना चाहिए । अगर शादी का जोड़ा न पहन सकें तो लाल रंग की साड़ी या लहंगा पहनना अच्छा माना

करवा चौथ पर पहने लाल रंग का जोड़ा
करवा चौथ पर पहने लाल रंग का जोड़ा

जाता है।लाल रंग माँ दुर्गा को बहुत पसंद है साथ ही साथ लाल रंग प्रेम का प्रतीक माना जाता है और करवा चौथ के दिन ज्यादा से ज्यादा इसी रंग का प्रयोग करना चाहिए।

करवा चौथ पर बहु को सरगी
करवा चौथ पर बहु को सरगी

अपनी बहू को दें सरगी

सरगी करवा चौथ के व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा होती है। व्रत शुरू होने से पहले यानी की सुबह सास आपनी बहू को कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान देती हैं। करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग 4 बजे के आस-पास महिलाएं इस सरगी को खाकर

अपने व्रत की शुरुवात करें। इसके बाद पूरा दिन पूरी श्रद्धा के साथ उपवास करें और चांद निकलने पर अपना व्रत खोलें।

बेटी के घर भेजें बाया

इस दिन जिस तरह सास का अपनी बहू को सरगी देना महत्वपूर्ण रस्म है। उसी तरह बाया, मां और बेटी से जुड़ी रस्म है। शाम को चौथ माता की पूजा

करवा चौथ पर बेटी को बाया
करवा चौथ पर बेटी को बाया

शुरू होने से पहले अपनी बेटी के घर कुछ मिठाइयां, तोहफे और ड्राई फ्रूट्स भेजे जाते हैं। इसे बाया कहा जाता है। ध्यान रखें की बेटी को बाया पूजा शुरू होने से पहले ही पहुंचाया जाए।

करवा चौथ पर कथा सुनती महिलाएं
करवा चौथ पर कथा सुनती महिलाएं

ध्यान से सुनें कथा

करवा चौथ में जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है, उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा सुनने का भी होता है। कई महिलाओं को कथा सुनने में रुचि नहीं होती और इसी वजह से वे कथा में अपना ध्यान नहीं लगातीं। लेकिन यह बहुत ही गलत होता है। इस त्योहार में जितना जरूरी व्रत और

पूजा करना होता है, उतना ही जरूरी कथा सुनना भी होता है। इसलिए सभी महिलाओं को ध्यान से कथा सुननी चाहिए।

करवा चौथ के गीत

करवा चौथ की पूजा के लिए आस-पास की सभी महिलाएं एक जगह मिलकर व्रत कथा सुनती हैं और पूजा करती हैं। ऐसे में पूजा के समय करवा चौथ के

करवा चौथ पर गीत गाती महिलाएं
करवा चौथ पर गीत गाती महिलाएं

गीत और भजन गाना चाहिए। करवा चौथ पर इस बात का बहुत महत्व होता है। ऐसा करने से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक होता है और भगवान से पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है।

तो अब तो आप जान ही गए है तो इस साल जरूर करें ये काम ।