पढ़िए:कोन सा श्राप कुरुक्षेत्र के युद्ध में कर्ण की मृत्यु का कारण बना..!!!

कुंती पुत्र कर्ण
कुंती पुत्र कर्ण

महाभारत में कुंती पुत्र कर्ण के पराक्रम के बारे में हम सभी जानते ही है, कर्ण एक वीर योद्धा था, लेकिन क्या आप जानते है उसने युद्ध कला झूठ बोल कर प्राप्त की थी। जिसका परिणाम उसे युद्ध में अपनी मौत के रुप में भोगना पड़ा। जन्म के समय ही अपनी माता कुंती ने कर्ण को त्याग दिया था, जिसे एक

सूत ने अपने पुत्र के रूप में अपनाया। इसी वजह से कर्ण सूतपुत्र के रूप में जाना जाता था। कर्ण परशुराम से शिक्षा लेना चाहता था, लेकिन परशुराम केवल ब्राह्मणों को ही शिक्षा देते थे। यह बात जानकर कर्ण ने परशुराम से अपने ब्राह्मण होने का झूठ बोला और उनसे कई दिव्य अस्त्रों-शस्त्रों का ज्ञान लिया। साथ ही ब्रह्मास्त्र की भी शिक्षा प्रप्त की। जब परशुराम को कर्ण के सूतपुत्र होने का सच पता चला तो वह बहुत क्रोधित हुए। परशुराम ने कर्ण को

श्राप दिया कि जब युद्ध में सबसे महत्वपूर्ण समय आएगा तब वह अपना सारा ज्ञान भूल जाएगा और कोई भी अस्त्र या शस्त्र नहीं चला पाएगा। कुरुक्षेत्र के युद्ध में बस यही श्राप कर्ण की मृत्यु का कारण बना।