पुराणों की 7 बाते जिनकी बहुत वर्षो पहले ही हो गई थी भविष्यवाणी, कलयुग में हो रही है सत्य !!

गीता में कलयुग के बारे में की गई ये भविष्यवाणी आज हो रही हैं सच !!

हमारे शास्त्रों में यह वर्णन मिलता है की अनिश्चित भविष्य के साथ ही एक निश्चित अथवा तय भविष्य रेखा भी साथ चलती रहती है । यानि की भविष्य में कुछ घटनाओं के संबंध में तो कुछ कहा नहीं जा सकता परन्तु कुछ घटनाएं ऐसी है जिनका भविष्य में घटना निश्चित है ।

भविष्य का निर्माण केवल किसी व्यक्ति, समूह या संगठन पर ही निर्भय नहीं होता बल्कि प्रकृति के तत्व भी इसमें अपना योगदान करते है । भविष्य की सम्भावनाएं तो अनन्त होती है परन्तु कुछ सम्भावनाएं के बारे में पुख्ता तोर पर बताया जा सकता है।

इसी प्रकार से भविष्यवक्ता कही उच्चे स्थान पर और हम नीचे हो…. सम्भावनाएं अनन्त है परन्तु जो सम्भवना निश्चित है उन्ही के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है ।

1.संबंध होगा समझौता मात्र

भागवत पुराण के अनुसार कलयुग में विवाह बस एक समझौता होगा दो लोगों के बीच । इस युग में पुरुष और स्त्री साथ-साथ रहेंगे और व्यापार में सफलता छल पर निर्भर रहेगी. शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए ही महिला-पुरुष एक-दूसरे के साथ रहेंगे ।

पुरुषत्व का अर्थ सिर्फ पुरुष की संभोग शक्ति से जोड़कर ही देखा जाएगा ।महिलाएं बेहद कड़वा बोलने लगेंगी और उनके चरित्र में नकारात्मकता घर चुकी होगी । उनके ऊपर न तो पिता का और न ही पति का जोर होगा ।

2.लोगो को के लिए धन ही होगा सब कुछ

श्रीमद् भागवत पुराण में किए गए कलयुग के वर्णन में कहा गया है कि इस युग में जिस व्यक्ति के पास धन नहीं होगा वो अधर्मी, अपवित्र और बेकार माना जाएगा और जिस व्यक्ति के पास जितना धन होगा वो उतना गुणी माना जाएगा और कानून, न्याय केवल एक शक्ति के आधार पर लागू किया जाएगा ।

3.लोग होंगे झूठे, भ्रष्ट और मॉस प्रिय

भागवत पुराण के अनुसार कलियुग की समाप्ति से पहले लोग सिर्फ और सिर्फ मछली खाकर और बकरी का दूध पीकर ही जीवन व्यतीत करेंगे, क्योकि धरती पर एक भी गाय नहीं बचेगी.

4.कम हो जायेगी लोगो की आयु

जैसे जैसे कलयुग अपना प्रभाव दिखाने लगेगा मनुष्य की आयु भी घाट के बहुत काम हो जायेगी, मनुष्य अधिकतम 50 वर्षो तक ही जीवित रह पायेगा । भविष्य में एक समान्य व्यक्ति की आयु 16 वर्ष होगी तथा 7 – 8 वर्ष की लड़कियां गर्भ धारण करने लगेंगी.

कहि भी धार्मिक स्थल का नामो निशान नहीं होगा व तारो की चमक कम होने लगेगी ।ऐसे में भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि का जन्म होगा ।

5.बदल जाएगा मौसम

जब कलयुग अपने पूर्ण अस्तित्व में आयेगा तो इसका मौसम में भी प्रभाव पड़ेगा. सभी जगह आकाल पड़ जाएगा लोग अपनी भूख शांत करने के लिए मिटटी, पत्ते, जड़, जानवर, घास आदि खाने को मजबूर हो जाएंगे तथा इतने हिंसक हो जाएंगे की अपने ही परिवार वालो को मारने लगेंगे ।

ठण्ड, हवा, गर्मी, वर्षा ये सभी चीज़े उन्हें परेशान करने लगेगी. महाभारत में कलयुग के अंत में प्रलय होने का जिक्र है, लेकिन यह किसी जलप्रलय से नहीं होगा बल्कि लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण होगा । महाभारत के वन पर्व में यह उल्लेख मिलता है की सूर्य का प्रकाश इतना प्रचण्ड होगा की सातो समुद्र व सातो नदियाँ सुख जाएंगी ।

संवर्तक नाम की अग्नि धरती को पाताल तक भष्म कर देगी. वर्षा पूरी तरह से बंद हो जायेगी तथा सब कुछ जल जाएगा । इसके बाद फिर लगातार 12 वर्षो तक बारिश होगी जिससे सारी धरती जल मग्न हो जायेगी ।

6.वैदिक धर्म का हो जाएगा पतन

कलयुग में धर्म, सत्यवादिता, स्वच्छता, सहिष्णुता, दया, जीवन की अवधि, शारीरिक शक्ति और स्मृति सभी दिन-ब-दिन घटती जाएगी. लोग बस स्नान करके समझेंगे कि वे अंतरात्मा से भी साफ-सुथरे हो गए हैं ।

धरती पर रहने वाला कोई व्यक्ति किसी भी तरह से वैदिक और धार्मिक कार्यों में रुचि नहीं लेगा, वह एक स्वच्छंद जीवन व्यतीत करेगा । कलयुग में वे लोग सिर्फ एक धागा पहनकर अपने को ब्राह्मण होने का दावा करेंगे ।

7.गंगा एवं अनेक पवित्र तीर्थ स्थल हो जाएंगे विलुप्त

कहते है की कलयुग के समीप आने पर गंगा नदी, केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित आदि अनेक पवित्र तीर्थ विलुप्त हो जाएंगे. तथा सिर्फ एक तीर्थ स्थल ही होगा जिसका नाम होगा भविष्यबद्री ।

 

 

 

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