काल भी नहीं कर सकता उसका बाल भी बांका, जिसने जपा ये एक मंत्र !!

काल भी नहीं कर सकता उसका बाल भी बांका, जिसने जपा ये एक मंत्र !!

सभी शास्त्र और पुराणों में एक दिव्य मंत्र के संबंध में कहा गया है कि इस मंत्र का जाप गंभीर से गंभीर बीमारी का काल है। खुद देवों के देव महादेव की इस मंत्र के जाप पर तुरंत अपने भक्त के समीप खींचे चले आते हैं। इस मंत्र का जाप इंसान को मौत के मुंह से बाहर खींच लाता है मरणासन्न रोगी के लिए यह मंत्र अमृत के समान होता है।

दुर्घटना भयंकर रोग मौत को टालने तथा लंबी उम्र के लिए इस मंत्र का जाप इकलौता एवं बहुत कारगर है। इस मंत्र का जाप करना परम फलदाई है। लेकिन इस मंत्र के जाप में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जिससे कि इसका संपूर्ण लाभ आपको मिले और आपको कोई हानि ना हो यदि आपको इस मंत्र के जाप करने में कोई परेशानी हो तो किसी पंडित से आप इसका जवाब करा सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आखिर कौनसा है यह शक्तिशाली मंत्र

ऊॅ हौं जूं सः। ऊॅ भूः भुवः स्वः ऊॅ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उव्र्वारूकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। ऊॅ स्वः भुवः भूः ऊॅ। ऊॅ सः जूं हौं।

यह शक्तिशाली मंत्र है महामृत्युंजय मंत्र।

जिसके जाप हर महादेव शिव नृत्य करने लगते हैं इस मंत्र का जाप करते वक्त यह बात ध्यान रखें कि जो आपके लिए बहुत ही जरूरी है। इन बातों को ध्यान में रखने पर इसका प्रभाव उल्टा हो सकता है।

1. महामृत्युंजय का जो भी मंत्र का जाप करें उसके उच्चारण ठीक ढंग से यानी शुद्धता के साथ करें एक शब्द की गलती आपको भारी पड़ सकती है इस मंत्र का जाप एक निश्चित संख्या निर्धारण कर ले अगले दिन इनकी संख्या बढ़ाना चाहे तो आप बढ़ा सकते हैं लेकिन कम ना करें।

2. मंत्र का जाप करते समय उच्चारण होठों से बाहर नहीं आना चाहिए यदि इसका अभ्यास ना हो तो धीमे स्वर में जप करें। इस मंत्र को करते समय धूप दीप जलते रहना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें इस मंत्र का जाप केवल रुद्राक्ष माला से ही करें इस रुद्राक्ष माला को गौमुखी में ही रखकर करेंV पूरा मंत्र हो जाने के बाद ही गोमुखी से बाहर निकालें। इस मंत्र का जाप उसी जगह करें जहां भगवान शिव की मूर्ति प्रतिमा या महामृत्युंजय यंत्र रखा है।

307 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published.