जानिए इस मंदिर का रहस्य जहा अनंत काल से निकलती आरही है ज्वाला !!!

इस मंदिर में अनंत काल से ज्वाला निकल रही है इसी कारण इसे ज्वालादेवी का मंदिर कहा जाता है । हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में कालीधार पहाड़ी के बीच यह मंदिर बसा हुआ है। देवी के शक्‍ति पीठों में से एक इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यहां पर माता सती की जीभ गिरी थी।इसी कारण यहां पर ज्‍वाला निकलती रहती है। इसके अलावा यहां पर एक और चमत्कार भी देखने को मिलता है। मंदिर परिसर के पास एक जगह है ‘गोरख डिब्बी’ जो कि एक जल कुंड है। इस कुंड में गर्म खौलता हुआ पानी है परंतु छूने पर कुंड का पानी ठंडा लगता है ।

किसी को इस बात का यह ज्ञात नहीं है कि ये ज्वालाएं कहां से प्रकट हो रही हैं ? ये रंग का परिवर्तन कैसे हो रहा है ? आज भी लोगों को यह पता नहीं चल पाया है यह प्रज्वलित कैसे होती है तथा यह कब तक जलती रहेगी? कहते हैं, कुछ मुस्लिम शासकों ने ज्वाला को बुझाने के प्रयास भी किए थे, लेकिन वे विफल रहे।

हजारों वर्षों से यहां देवी के मुख से अग्नि निकल रही है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर की खोज पांडवों ने की थी।इस जगह का एक अन्य आकर्षण ताम्बे का पाइप है जिसमें से प्राकृतिक गैस का प्रवाह होता है। इस मंदिर में अग्नि की अलग-अलग 9 लपटें हैं, जो अलग-अलग देवियों को समर्पित हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह मृत ज्वालामुखी की अग्नि हो सकती है।

ऐसा कहते हैं कि सतयुग में महाकाली के परम भक्त राजा भूमिचंद ने स्वप्न से प्रेरित होकर यह भव्य मंदिर बनवाया था। जो भी सच्चे मन से इस रहस्यमयी मंदिर के दर्शन के लिए आया है उसकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।