जया पार्वती व्रत 3 जुलाई 2020: जानिए जया पार्वती व्रत का महत्व और पूजा विधि !!!!!

जया पार्वती व्रत आषाढ़ मास की त्रयोदशी से प्रारम्भ होता है और कृष्ण पक्ष की तिथि को समाप्त होता है | इस व्रत को करने के लिए 5,7,9,11 और अधिकतम 20 वर्षो तक करने की सलाह दी जाती है |
देवि पार्वती को जया पार्वती व्रत समर्पित है | देवी पार्वती का एक रूप देवी जया ही है | गुजरात में यह व्रत मुख्य रूप से मनाया जाता है | यह व्रत विवाहित स्त्रियों के साथ अविवाहि लड़कियों द्वारा भी रखा जाता है | अविवाहित लड़किया इस व्रत को अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखती है तथा विवाहित स्त्रियाँ इस व्रत को अपने पति की लम्बी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती है | यह व्रत 3 जुलाई 2020 को प्रारम्भ होगा और 8 जुलाई 2020 तक मनाया जाएगा |

जया पार्वती व्रत महत्व :
ऐसा माना जाता है की यह व्रत विवाहित और अविवाहित स्त्रियाँ अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त करने के लिए करती है | मान्यताओं के अनुसार इस व्रत का रहस्य भगवान् विष्णु ने माता लक्ष्मी को बताया था | यह व्रत कही जगाओ पर एक दिन तो कही पर पांच दिन लिए मनाया जाता है | इस व्रत के दौरान बालू रेत का हाथी बनाकर उस पर पांच प्रकार के फल , फूल , प्रसाद चढ़ाते पार्वती |
जया पार्वती व्रत पूजा विधि :
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करे | इसके पश्चाद व्रत का संकल्प ले | शुद्ध स्थान पर या घर के मंदिर में माता पार्वती की मूर्ति स्थापित करे | माता पार्वती को कुमकुम , शतपत्र , कस्तूरी , अष्टगंध और फूल अर्पित करे | इसके बाद पूजा करके जया पार्वती व्रत कथा सुने | अगर बालू रेट का हाथी बनाया हो तो रात्रिजागरण के उसे नदी या जलाशय में विसर्जित करे |