शास्त्रों के अनुसार सुबह उठते ही करने चाहिए ‘हथेली के दर्शन’; जानिए क्यों..!!!

शास्त्रों के अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा आए तो सुख एवं समृद्धि का वास होता है। हम लोग सुबह उठकर हमेशा यही सोचते है कि ऐसा क्या देखें कि हमारा दिन अच्छा जाए। सुबह सुहानी हो तो दिन अच्छा गुजरता है।

सकारात्मक सुबह
सकारात्मक सुबह

दिन अच्छा हो इसके लिए हम सुबह अपने अंदर और बाहर अर्थात मन में और घर में शांति और प्रसन्नता चाहते हैं। हम आंख खुलते ही कोई ऐसी चीज देखना पसंद नहीं करते जिससे हमारा दिन खराब हो।

हमारा दिन हमारे लिए शुभ हो इसके लिए ऋषियों ने कर दर्शनम् का संस्कार हमें दिया है। इस बारें में शास्त्रों में भी बताया गया है कि सुबह कौन सा काम करनें से आपका पूरा दिन अच्छा जाएगा।

हथेली के दर्शन
हथेली के दर्शन

हमारी संस्कृति हमें धर्ममय जीवन जीना सिखाती है। हमारा जीवन सुखी, समृद्ध, आनंदमय बने इसके लिए संस्कार रचे गए और दिनचर्या तय की गई। दिन की शुरुआत का पहला कदम है- कर दर्शनम् अर्थात हथेलियों को देखना।

दरअसल हमारे शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि हाथों में सृष्टि के रचानाकार ब्रह्मा, धन की देवी लक्ष्मी और सुख एवं समृद्धि की देवी सरस्वती, तीनों का वास होता है। इसलिए सुबह-सुबह इन्हें देखना शुभ माना जाता है।

कैसे करें कर दर्शनम्

सुबह जब नींद से जागें तो अपनी हथेलियों को आपस मे मिलाकर पुस्तक की तरह खोल लें और यह श्लोक पढ़ते हुए हथेलियों का दर्शन करें-

कर दर्शनम् मंत्र
कर दर्शनम् मंत्र

कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥

अर्थात- (मेरे) हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी का, मध्य में सरस्वती का और मूल भाग में ब्रह्मा का निवास है।

हथेलियों के दर्शन का मूल भाव तो यही है कि हम अपने कर्म पर विश्वास करें। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि ऐसे कर्म करें जिससे जीवन में धन, सुख और ज्ञान प्राप्त करें। हमारे हाथों से ऐसा कर्म हों जिससे दूसरों का कल्याण हो। संसार में इन हाथों से कोई बुरा कार्य न करें।


हथेलियों के दर्शन के समय मन में संकल्प लें कि मैं परिश्रम कर दरिद्रता और अज्ञान को दूर करूंगा और अपना व जगत का कल्याण करूंगा।

प्रभाते कर दर्शनम् का यही संदेश है। हम सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन कर अच्छे कार्य करने का संकल्प लें, ताकि दिनभर हमारे मन में कोई बुरे विचार न आएं। अच्छे कार्यां से ही हमारी अलग पहचान बनती है।

कर दर्शनम् मंत्र
कर दर्शनम् मंत्र

सुबह हथेलियों का दर्शन करने के पीछे यही संदेश है कि हम परमात्मा से अपने कर्मों में पवित्रता और शक्ति की कामना करते हैं। संसार का सारा वैभव, शिक्षा, पराक्रम हमें हाथों के जरिए ही मिलता है। इसीलिए दिन की शुरुआत हमारी अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा बीतता है। इसके लिए जरुरी है कि सुबह उठकर ऐसे काम करें जो आपको उत्साहित और ऊर्जावान बनाए रखे। न कि ऐसी गलती कर बैठें कि पूरा दिन तनाव और परेशानी में बीते।

॥ जय महाकाल ॥

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