जरूर पढ़िए हरसिद्धि माता मंदिर जहाँ गिरी थी माता सती की कोहनी…!!!!

जरूर पढ़िए हरसिद्धि माता मंदिर जहाँ गिरी थी माता सती की कोहनी…!!!!

हरसिद्धि माता मंदिर

उज्जैन स्थित सम्राट् विक्रमादित्य की आराध्य मां हरसिद्धि देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। उज्जैन स्थित भव्य श्री हरसिद्धि मंदिर भारत के प्राचीन स्थानों में से एक है जो कि माता सती के ५१ शक्तिपीठों में १३वा शक्तिपीठ है ।इस पीठ पर भक्त नवरात्रों में विशेष साधना कर देवी मां की कृपा पाने का यत्न करते हैं।

हरसिद्धि मंदिर उज्जैन के मंदिरों के शहर में एक महत्वपूर्ण मंदिर है। यह मंदिर देवी अन्नपूर्णा को समर्पित है जो गहरे सिंदूरी रंग में रंगी है। देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति देवी महालक्ष्मी और देवी सरस्वती की मूर्तियों के बीच विराजमान है। श्रीयंत्र शक्ति की शक्ति का प्रतीक है और श्रीयंत्र भी इस मंदिर में प्रतिष्ठित है। कहा जाता है कि इस महान यन्त्र के दर्शन मात्र से ही पुण्य का लाभ होता है।

मंदिर के सामने दो बड़े दीप स्तंभ हैं

इस जगह का पुराणों में बहुत महत्व है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जब भगवान शिव सती के शरीर को ले जा रहे थे, तब उसकी कोहनी इस जगह पर गिरी थी। इस मंदिर का पुनर्निर्माण मराठों के शासनकाल में किया गया था, अतः मराठी कला की विशेषता दीपकों से सजे हुए दो खंभों पर दिखाई देती है। मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुँआ है तथा मंदिर के शीर्ष पर एक सुंदर कलात्मक स्तंभ है। इस देवी को स्थानीय लोगों द्वारा बहुत शक्तिशाली माना जाता है।

इस मंदिर के प्रांगण में शिवजी का कर्कोटकेश्वर महादेव मंदिर भी है जो कि चौरासी महादेव में से एक है जहां कालसर्प दोष का निवारण होता है ऐसा लोगों का विश्वास है । मंदिर प्रांगण के बीचोंबीच दो अखंड ज्योति प्रज्वलित रहती है जिनका दर्शन भक्तों के लिए शांतिदायक रहता है । प्रांगण के चारों दिशाओं में चार प्रवेश द्वार है एवं मुख्य प्रवेश द्वार के भीतर हरसिद्धि सभाग्रह के सामने दो दीपमालाएँ बनी हुई है। मंदिर परिसर में बने दो दीप स्तम्भ की जगमग करती दीपमालिकाएं आंखों को तृप्त करने के साथ-साथ मन को भी प्रसन्न कर देती हैं।इस प्राचीन मंदिर के केंद्र में हल्दी और सिन्दूर कि परत चढ़ा हुआ पवित्र पत्थर है जो कि लोगों कि आस्था का केंद्र है ।

यूं तो भारत के विशाल भूखण्ड में असंख्य तीर्थ फैले हुए हैं, जिनकी गणना करना दुःसाध्य कार्य है। असंख्य तीर्थों में से कुछ तीर्थ ही ऐसे हैं जो भक्तों को अपनी ओर अधिक आकर्षित कर पाते हैं। जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माँ हरसिद्धि का मंदिर ऐसा ही मंदिर है जहाँ भक्तो की मनोकामना पूर्ण करती है

॥ जय माँ हरसिद्धि ॥

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