हरियाली तीज 2020 : जानिए पूजा विधि और शुभ मुहर्त !!!

इस वर्ष हरियाली तीज का महा पर्व 23 जुलाई गुरुवार के दिन मनाया जारहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर वर्ष हरियाली तीज श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इसदिन माता पार्वती का भगवान शंकर से पुनर्मिलन हुआ था। इस दिन सभी महिलाए अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखती है साथ ही माता पार्वती और भगवान शंकर के विधिपूर्वक पूजा अर्चना करती है। आईये जानते है हरियाली तीज की पूजा विधि और शुभ मुहर्त –

हरियाली तीज का मुहर्त :
श्रवण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारम्भ 22 जुलाई बुधवार के दिन शाम 7 बजकर 2 मिनट से होरहा है जो अगले दिन 23 जुलाई गुरुवार के दिन शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगा।
हरियाली तीज का अभिजीत मुहर्त :
23 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
हरियाली तीज अमृतकाल :
23 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 29 मिनट से 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
हरियाली तीज विजय मुहर्त :
23 जुलाई को दोहर 2 बजकर 44 मिनट से दोपहर 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
23 जुलाई को राहुकाल 2 बजकर 10 मिनट से 3 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। हालांकि भगवान शिव और शक्ति की पूजा में राहुकाल का दोष नहीं मानते है।

हरियाली तीज पूजा विधि :
आज के दिन सुहागन महिलाये व्रत करती है साथ ही माता पार्वती और भगवान शंकर की पूजा करती है। इस दिन सुहागन महिलाए स्नान करकर अपने पीहर से आये हुए कपडे पहनती है।
पूजा के शुभ मुहर्त में एक चौकी पर माता पार्वती , भगवान शंकर और गणेशजी की मूर्ति स्थापित करे। फिर माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री , साडी , धुप , दीप , गंध आदि अर्पित करे। फिर भगवान शिव को भांग , धतूरा , अक्षत , बेल पत्र , श्वेत फूल , गंध , धुप , वस्त्र आदि चीज़े चढ़ाए। इसके पश्चाद हरियाली तीज की कथा सुने। फिर शिवजी और माता पार्वती की आरती करे।