अद्भुत होगा जानना; क्यों गणेश जी के परिवार को माना जाता प्रथम पूज्य..!!!

हमारे हिन्दू धर्म में हर घर में ससे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है उनको और उनके परिवार को प्रथम पूज्य माना जाता है,लेकिन क्या अपने कभी सोचा या क्या आपके दिमाग में कभी ये बात आई है कि आखिर हिंदू धर्म में गणेश जी के परिवार को हमेशा प्रथम पूज्य क्यों माना जाता है? तो आइए आज यहाँ हमसे जानिए इस बारे में ।

 

भगवान गणेश का परिवार
भगवान गणेश का परिवार

भगवान शिव के परिवार को हिंदू धर्म का पहला परिवार कहा गया है क्योंकि शिव के परिवार के सभी सदस्य एक दूसरे से बिल्कुल अगल और विपरीत हैं। उनके परिवार के सभी सदस्य की किसी न किसी रूप में पूजा की जाती है  भगवान शिव के परिवार के सदस्यों के वाहनों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि सांप भगवान शिव की गर्दन को देखता है और उनके पुत्र कार्तिकेय का वाहन मोर है, कह सकते हैं कि सांप मोर का शिकार है। इसी तरह

भगवान गणेश का वाहन एक चुहा है, जो इस समय सांपों का शिकार है। माता पार्वती शक्ति का एक रूप हैं और उनका वाहन शेर है, लेकिन वहीं भगवान शिव का वाहन नंदी है जोकि एक बैल है। ये सारी बातें इनको एक दूसरे से बिल्कुल अलग करती हैं।

जानिए श्री गणेश के परिवार के बारे में पिता और माता- शिव और पार्वती। कार्तिकेय (बड़े भाई) गणेश के सबसे प्रसिद्ध भाई हैं।  उनके सुकेष, जालंधर, अयप्पा और भूमा जैसे चार भाई और भी हैं। बहनें- अशोक सुन्दी भगवान गणेश की बहन हैं, जबकि भगवान शिव ने जया, विशार, शिमिलबारी, देव और दोतली जैसी कई बेटियां थीं जिन्हें गणेश की बहन कहा जा सकता है। अशोक सुंदरी का विवाह नहुशा से हुआ था। पत्नियां- गणेश की पांच पत्नियां हैं पहली दो रिद्धि और सिद्धी और दूसरी में तुष्टि, पुष्ती और श्री हैं।

शिव-पार्वती के साथ गणेश कार्तिकेय
शिव-पार्वती के साथ गणेश कार्तिकेय

पुत्र- भगवान गणेश के शुभ और लाभ में दो पुत्र हैं और उनके पोतों को अमोद और प्रमोद कहते हैं।

गणेश जी के बारे में कुछ बातें

  • लाल फूल गणेश जी के पसंदीदा फूल हैं।
  • गणेश जी दुर्वा या डुब (घास का एक प्रकार) और शामी के पत्ते पसंद करते हैं।

  • परशु और अंकुश उनके शस्त्र हैं।
  • मान्यता है कि सत्युग में गणपति का वाहन शेर था, त्रेता में और मोर द्वापर में चुहा और कलयुग में घोड़ा था।
  • गणेश का जाप मंत्र “ओम गं गणपते नम:” है।
  • लड्डू से बना मोदक गणेश जी को का मनपसंद है।
  • भगवान गणेश के 12 प्रमुख नाम हैं। वे सुमुख, एकांत, कपिल, गजकर्णक, लम्बोदर, विकास, विघ्ननाशक, विनायक, धूमकेतुकु, गणेशक्ष, भालचंद्र, गजानन के नाम से जाने जाते हैं।