होगा आपके शत्रु का सर्वनाश बस चार अभिमंत्रित कील इस तरीके से !!

बस चार अभिमंत्रित कील इस तरीके से और होगा आपके शत्रु का सर्वनाश !!

सबसे पहले आपको चार तांबे के कील लेने हैं। ध्यान रखे कि यह कील सिर्फ तांबे की ही हो और इस विधि को करने के लिए आप को अमावस्या की रात 10:00 बजे के बाद ही प्रारंभ करना है। सबसे पहले आप को दक्षिण दिशा में श्री काल भैरव जी की फोटो को किसी लकड़ी के पाट पर रखना है ।इसके बाद आप खुद काले रंग के आसन पर बैठ जाएं। इसके बाद श्री काल भैरव जी की फोटो के आगे चार बत्ती वाला सरसों के तेल से मिट्टी का दीपक जलाएं। इस बात का ध्यान रखें कि एक ही दीपक में चार बत्ती और जलाने के अलग-अलग दीपक नहीं लेना है। अब चारो किलो को मौली बांधे और रोली का तिलक कर के श्री काल भैरव जी के सामने रख दे।

और उनसे आग्रह करें कि आपकी इस विधि को सफल करें और जो भी गलतियां हो उसके लिए क्षमा करें। आप अपने सामने छोटा सा हवन कुंड तैयार करें और काली सरसों से प्रत्येक मंत्र के बाद आहुति दें मंत्र इस प्रकार है।
हूं हूं फट स्वाहा।।
यह मंत्र बोलते हुए आपको 108 बार आहुति पूर्ण करनी है उसके बाद सब कुछ नहीं पढ़े रहने दे अगले दिन बाहर से वहां अभिमंत्रित खेल जिस किसी के घर में आपका गाड़ेंगे वह बर्बाद हो जाएगा। बाकी का बचा हुआ सामान बहते पानी में प्रवाहित कर दें और की लगा देने के बाद अपने पूरे घर में गंगाजल का चिंता अवश्य दें।

इसके साथ हम आपको कुछ चेतावनी अभी दे रहे हैं जो कि इस प्रकार है।
1  बिना वजह किसी पर इसका प्रयोग ना करें ।

2 पूर्ण विधि के दौरान उस जगह से उठे नहीं  पूर्ण विधि के अंत तक किसी की भी टोक ना लगे।

3 मंत्र उच्चारण और आहुति के समय छात्रों के सर्वनाश की कामना करते रहे।

4 यह उपाय जब ही सिद्ध होगा जब सामने वाला आपके लिए दोषी होगा अगर आप किसी निर्दोष के साथ यह कार्य करते हैं तो इसका उल्टा फल आप को भुगतना पड़ेगा।

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