चाहते है की आपको मिले अक्षय पुण्यफल और धनलक्ष्मी की कृपा तो करे इस अक्षय तृतीया के दिन ये काम !!

चाहते है की आपको मिले अक्षय पुण्यफल और धनलक्ष्मी की कृपा तो करे इस अक्षय तृतीया के दिन ये काम !!

अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल तृतीया को कहा जाता हैं। वैदिक कलैण्डर के चार सर्वाधिक शुभ दिनों में से यह एक मानी गई है। ‘अक्षय’ से तात्पर्य है ‘जिसका कभी क्षय न हो’ अर्थात जो कभी नष्ट नहीं होता। भारत के उत्तर प्रदेश ज़िले के वृन्दावन में ठाकुर जी के चरण दर्शन इसी दिन होते हैं। अक्षय तृतीया को ‘अक्खा तीज’ के नाम से भी पुकारा जाता है। अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु ने परशुराम अवतार लिया था। अत: इस दिन व्रत करने और उत्सव मनाने की प्रथा है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि अक्षय तृतीया परम पुण्यमयी तिथि है। इस दिन दोपहर से पूर्व स्नान, जप, तप, होम, स्वाध्याय, पितृ-तर्पण तथा दान आदि करने वाला महाभाग अक्षय पुण्यफल का भागी होता है।

1.इस दिन समुद्र या गंगा स्नान करना चाहिए।

2. प्रातः पंखा, चावल, नमक, घी, शक्कर, साग, इमली, फल तथा वस्त्र तथा मटकी और खरबूजे का दान करके ब्राह्मणों को दक्षिणा भी देनी चाहिए।

3. ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।

4.इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए।

5.आज के दिन नवीन वस्त्र, शस्त्र, आभूषणादि बनवाना या धारण करना चाहिए।

6. नवीन स्थान, संस्था, समाज आदि की स्थापना या उद्घाटन भी आज ही करना चाहिए।

अक्षय तृतीया का दिन मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए बहुत महत्व रखता है। इस दिन मां लक्ष्मीजी का पूजन करना शुभ फलदायी माना जाता है। इसके पीछे यह मान्यता है कि इससे साल भर आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया यानी अखातीज को सर्वसिद्घ मुहूर्त माना गया है। अत: इस दिन मां लक्ष्मीजी की उपासना शाम के समय उत्तरमुखी होकर लाल आसान पर बैठकर की जाती है।

पूजन शुरू करने से पहले एक लाल कपडे़ पर लक्ष्मीजी का चित्र स्थापित करके उसके सम्मुख 10 लक्ष्मीकारक कौडियां रखें एवं शुद्ध घी का दीपक जला लें। अब लक्ष्मीजी का षोडशोपचार पूजन करके हर कौड़ी पर सिन्दूर चढाएं तथा लाल चंदन की माला से निम्न में से एक मंत्र की 5 माला का जाप करें। इस प्रकार के पूजन से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है तथा आपके जीवन की आर्थिक समस्या समाप्त हो जाती है।

लक्ष्मी को प्रसन्न करने के मंत्र :

  •  ॐ आध्य लक्ष्म्यै नम:
  •  ॐ अमृत लक्ष्म्यै नम:
  •  ॐ पहिनी पक्षनेत्री पक्षमना लक्ष्मी दाहिनी वाच्छा भूत-प्रेत सर्वशत्रु हारिणी दर्जन मोहिनी रिद्धि सिद्धि कुरु-कुरु-स्वाहा।
  •   ॐ विद्या लक्ष्म्यै नम:
  • ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम:

इन मंत्रों से मां लक्ष्मी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहती है। हर क्षेत्र में व्यापार में उन्नति होने के साथ-साथ एवं आर्थिक सफलता प्राप्त होती।

 

 

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