अदभूत है श्री श्री 1108 एकादश रूद्र महादेव;जहाँ आरती सुनने मात्र से हो जाती है भक्त की सारी तकलीफें दूर..!!!

आज हम बात कर रहें है महान तांत्रिक मुनेश्वर झा द्वारा स्थापित रूद्र महादेव मंदिर के बारे में जिस जगह के बारे में बताया जाता है की यहाँ होते हैं चमत्कार। तो आइये जानते है क्या चमत्कार होता है।

देवो के देव महादेव
देवो के देव महादेव

मधुबनी जिला के मंगरौनी गांव में एक ऐसा ही अदभूत श्री श्री 1108 एकादश रूद्र महादेव नाम का मंदिर है। जो मधुबनी बस स्टैंड से 3 किलोमीटर दूर है। इस मंदिर को सन 1953 में मिथिला के महान तांत्रिक मुनेश्वर झा ने स्थापित किया था।

इस जगह पर एक ही शक्ति वेदी पर भगवान शंकर के ग्यारह अलौकिक रूपों को देखा जा सकता है।मंदिर के पुजारी और यहाँ दूर दूर से आने वाले भक्तों का कहना है की ऐसा खूबसूरत दृश्य कहीं और देखने को नहीं मिलता।

श्री श्री 1108 एकादश रूद्र महादेव
श्री श्री 1108 एकादश रूद्र महादेव

यहां आने से मन को शान्ति मिलती है। यहां की एक और खास बात यह है की यहां महादेव का मूल मंत्र ॐ नमः शिवाय बदलकर, ॐ एकादस रुद्राय हो गया है और ऐसा कहा जाता है की इस मंत्र के एक बार जाप से ग्यारह बार ॐ नमः शिवाय जाप करने का फल मिलता है।

ऐसी अवधारणा है की यहां आकर आरती मात्र सुनने से भक्तों के सभी दुःख-कष्ट जड़ से खत्म और दूर हो जाता है। यहां मन में विश्वास लेकर दूर दराज से भक्त आते है और झोली भर कर बाबा के दरवार से जाते हैं।

ग्यारह ज्योतिर्लिग
ग्यारह ज्योतिर्लिग

यहां रोज बाबा का श्रृंगार दूध, घी, मधु, दही, गंगा जल, भांग, और फूल से किया जाता है। साथ ही महादेव की विशेष पूजा और आरती होती है और सैकड़ों लोग उसमे शरीक होते हैं। सावन में यहाँ आने का विशेष महत्व रहता है उस समय यहां अलग ही नजारा होता है।

भोले बाबा के प्रिय त्यौहार सावन में यहां ग्यारह ज्योतिर्लिगों का विशेष श्रृंगार और पूजा होती है, और मंदिर के पुजारी आत्मा राम डमरू बजाकर तांडव गाते हैं। कहते हैं की तांडव के श्रवण मात्र से लोगों के सारे दुःख-कष्ट खत्म हो जाते हैं।

ज्योतिर्लिगों का विशेष श्रृंगार
ज्योतिर्लिगों का विशेष श्रृंगार

इस मंदिर की खासियत है कि यहां गरीब से लेकर अमीर सभी का दर्शन के लिए लाइन लगी रहती है। भक्तगण यहां पहुंचकर भोले बाबा की पूजा अर्चना करते है, साथ ही हर साल यहां की अलौकिक प्रभाव से खासे प्रभावित भी होते है।

॥ जय एकादश रूद्र महादेव॥

 

12 Comments