हरतालिका तीज : हरतालिका तीज पर गलती से भी न करे ये काम !!!

आज भाद्रपद की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाता है । इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन निर्जला रहकर भगवान शिव की आराधना करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का भी लाभ मिलता है। हरतालिका तीज पूजन का शुभ मुहूर्त शाम को 6:54 से लेकर रात 9:06 बजे तक है ।

हरताल‍िका तीज का व्रत करते समय रखे इन बातों का खास ध्यान : 

इस बात का ध्यान रखें कि हरितालिका तीज पर तृतीया तिथि में ही पूजन करनी चाहिए। तृतीया तिथि में पूजा गोधली तथा प्रदोष काल में की जाती है। चतुर्थी तिथि में पूजा मान्य नहीं, चतुर्थी में पारणा किया जाता है । 
नवविवाहिताएं पहले इस तीज को जिस तरह रख लेंगी हमेशा उन्हें उसी प्रकार इस व्रत को रखना होगा। इसलिए इस बात का विशेष
ध्यान रखना है कि पहले व्रत से जो नियम आप उठाएं उनका पालन करें। अगर निर्जला ही व्रत रखा था तो फिर हमेशा निर्जला ही व्रत रखें। आप इस व्रत में बीच में पानी नहीं पी सकते। 

तीज व्रत में अन्न, जल, फल 24 घंटे कुछ नहीं खाना होता है । इसलिए इस तीज व्रत का श्रद्धा पूर्वक पालन करना चाहिए ।तीज का व्रत एक बार आपने आरम्भकर दिया है तो आपको इसे हर साल ही रखना होगा। अगर किसी साल बामीर हैं तो व्रत छोड़ नहीं सकते है। ऐसे में आपको उदयापन करना होगा, या तोअपनी सास, देवरानी को देना होगा।

इस तीज के व्रत में भूलकर भी सोना नहीं चाहिए। इश  व्रत में सोने की मनाही होती है। व्रती महिलाओं को रातभर जागकर शिव भगवान का स्मरण करना चाहिए।

इस दिन खुद को तो सोलह श्रृंगार करने होते हैं इसके साथ ही सुहाग का सामान सुहागिन महिलाओं को वितरित भी करना होता है। अगले दिन व्रत का पारण जाता है। तीज के व्रत की पारण विधि के अनुसार ही व्रत का पारण करना चाहिए।