आखिर क्यों पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी;जाने इसके पीछे का कारण…!!!

धार्मिक कथा ( Religious Story)

वैसे तो हर धर्म के अपने अलग-अलग विचार होते हैं।

ऐसे में हमारे हिन्दू धर्म में पूजा(Pooja) करते समय और मंदिर जाते समय सिर ढकना जरुरी है ।

केवल महिलाएं ही नहीं पुरुष के लिए भी सिर ढकना जरूरी है।

पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी
पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी

लेकिन क्या कभी आपने सोचा ऐसा क्यों कहा जाता है ।

यह सिर्फ एक मान्यता ही नहीं है बल्कि इसके पीछे छुपे है कई कारण।

तो चलिए आज हम आपको उन्ही धार्मिक(Religious) और वैज्ञानिक(Scientific) कारणों से रूबरू करवाते है और बताते है आपको इस बात का रहस्य।

सिर ढकना है जरुरी

पुरानी मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है जिसको आप आदर देते हैं उनके आगे हमेशा सिर ढक कर जाते हैं

इसी कारण से कई महिलाएं अभी भी जब भी अपने सास-ससुर या बड़ों से मिलती हैं तो सिर ढक लेती हैं।

पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी
पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी

ईश्वर(Ishwar) आपके आराध्य होते हैं,इस संसार में सबसे ऊपर है उनका स्थान ।

जिनके प्रति आपको आदर भाव देना ही चाहिए इसके लिए आप जब भी उनके समक्ष जाए तो सिर ढकना है जरुरी

एक दूसरा कारण यह है की हमारे सिर के मध्य में सहस्त्रारार चक्र(Sahastrar Chakra) होता है ।

जिस पर पूजा करते वक्त निगेटिव(Negative) चीजों का असर नहीं होना चाहिए।

पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी
पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी

इस कारण सिर ढक कर पूजा करना जरुरी कहा गया है ।

ऐसा माना गया है आकाशीय विद्युतीय तरंगे (Lightning Wave) खुले सिर वाले व्यक्तियों के भीतर प्रवेश कर क्रोध, सिर दर्द, आंखों में कमजोरी जैसे रोगों को जन्म देती है।

इसलिए इन सब से बचने के लिए औरतें और पुरुष अपना सिर ढक लेते हैं।

ऐसा माना जाता है कि सिर ढकने से मन एकाग्र रहता है।

यह भी मान्यता है कि जिसका हम सम्मान करते हैं या जो हमारे द्वारा सम्मान दिए जाने योग्य है ।

पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी
पूजा करते समय सिर ढकना है जरुरी

उनके सामने हमेशा सिर ढककर रखना चाहिए।

इसीलिए पूजा(Pooja) के समय सिर पर और कुछ नहीं तो कम से कम रूमाल ढक लेना चाहिए।

इससे मन में भगवान (Bhagwaan)के प्रति जो सम्मान और समर्पण है उसकी अभिव्यक्ति होती है।

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