स्वयं श्री कृष्ण जपते है जिनका नाम;आप भी जपे राधा जी के 32 नाम,जो लगा देंगे बेडा पार…!!!

धार्मिक कथा ( Religious Story)

-शरीर यदि कृष्ण(Krishna) है तो राधा (Radha) आत्मा(Aatma) है।

-राधा (Radha) ही एक मात्र ऐसा नाम है, जो कृष्ण (Krishna)के पहले लिया जाता है।

राधाकृष्ण(Radha Krishna) यह दो नामों का संगम है जिनकी आत्मा एक ही है।

राधा-कृष्ण
राधा-कृष्ण

-राधा (Radha) कृष्ण(Krishna) की शक्ति है जो उनसे अलग नहीं हो सकती ।

-स्वयं श्री कृष्ण(Krishna) इनका नाम लेते है।

-इस संसार की हर वो आत्मा जो कृष्ण (Krishna)को पाने की चाह रखे और दिन भर उसके बारे में सोचे वह गोपी है, लेकिन जो आत्मा कृष्ण(Krishna) से एक रूप होकर अभिमान से दूर हो बस वही राधा (Radha) है।

राधा जी के नाम की महिमा

-कृष्ण(Krishna) ऐसा कहते है की श्री राधाजी (Radha)  के स्मरण मात्र से व्यक्ति के जीवन में सुख, प्रेम और शांति की वर्षा होती है व्यक्ति को समृद्ध जीवन का वरदान मिलता है।

-जीवन सुखमय बन जाता है।

-ऐसा माना जाता है जो भी श्रद्धापूर्वक नाम लेता है वह प्रभु की गोद मै बैठ कर उनका स्नेह पाता है।

-सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि स्वयं श्री कृष्ण(Krishna)राधाजी (Radha) नाम का सुमिरन करते है।

राधा-कृष्ण
राधा-कृष्ण

-ब्रह्मवैवर्त पुराण में स्वयं श्री हरि विष्णु(Vishnu) जी ने कहा है कि जो व्यक्ति अनजाने में भी राधाजी (Radha) कहता है उसके आगे मैं सुदर्शन चक्र लेकर चलता हूं।

-उसके पीछे स्वयं शिव(Shiv) जी उनका त्रिशूल लेकर चलते हैं।

-उसके दाईं ओर इंद्र(Indra) वज्र लेकर चलते हैं ।

-बाईं तरफ वरुण देव छत्र लेकर चलते हैं।

-ऐसी है राधा(Radha) जी के नाम की महिमा।

-आज हम आपको श्री राधा (Radha)जी के 32 नाम बताने जा रहे है कहते है यह 32 नाम जीवन को शांत और सुखमयी बनाते हैं।

राधा (Radha) जी के 32 नाम

1 मृदुल भाषिणी

2 सौंदर्य राषिणी

राधा जी के नाम की महिमा
राधा जी के नाम की महिमा

3 : परम् पुनीता

4 : नित्य नवनीता

5 : रास विलासिनी

6 : दिव्य सुवासिनी

7 : नवल किशोरी

8 : अति ही भोरी

9 : कंचनवर्णी

10 : नित्य सुखकरणी

11 : सुभग भामिनी

12 : जगत स्वामिनी

13 : कृष्ण आनन्दिनी

14 : आनंद कन्दिनी

राधा जी के नाम की महिमा
राधा जी के नाम की महिमा

15 : प्रेम मूर्ति

16 : रस आपूर्ति

17 : नवल ब्रजेश्वरी

18: नित्य रासेश्वरी

19 : कोमल अंगिनी

20 : कृष्ण संगिनी

21 : कृपा वर्षिणी

22: परम् हर्षिणी

23 : सिंधु स्वरूपा

24 : परम् अनूपा

25 : परम् हितकारी

26 : कृष्ण सुखकारी

27 : निकुंज स्वामिनी

28 : नवल भामिनी

राधा जी के 32 नाम
राधा जी के 32 नाम

29 : रास रासेश्वरी

30 : स्वयं परमेश्वरी

31: सकल गुणीता

32 : रसिकिनी पुनीता

 

॥प्रेम से बोलो जय श्री राधे॥

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