जाने पूर्वजन्म में कौन थी मीराबाई; कैसे बनी श्री कृष्ण की परम भक्त…!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

-भगवान कृष्ण (Krishna)की परम भक्त मीराबाई (Meerabai) की भक्ति से तो सब वाखिफ़ ही है।

-बचपन से ही वह कृष्ण (Krishna)भक्ति में रम गई थीं।

-बचपन से ही कृष्ण(Krishna)भक्ति में रुचि लेने लगी थीं।

मीराबाई
मीराबाई (Meerabai)

-पर ऐसा क्यों ऐसा इसलिए क्यूंकि मीराबाई(Meerabai) के बचपन में हुई एक घटना की वजह से उनका कृष्ण(Krishna)प्रेम अपनी चरम अवस्था तक पहुंचा।

-एक दिन उनके पड़ोस में किसी बड़े आदमी के यहां बारात आई।

-सभी औरतें छत पर खड़ी होकर बारात देख रही थीं।

-मीरा(Meera) भी बारात देखने लगीं।

-बारात को देख मीरा (Meera) ने अपनी माता से पूछा कि मेरा दूल्हा कौन है? इस पर उनकी माता ने कृष्ण(Krishna) की मूर्ति की ओर इशारा कर के कह दिया कि यही तुम्हारे दूल्हा हैं।

-बस यह बात मीरा (Meera) के बालमन में एक गांठ की तरह बंध गई।

पूर्वजन्म में कौन थी मीराबाई
पूर्वजन्म में कौन थी मीराबाई

पूर्वजन्म में कौन थी मीराबाई

-आज हम आपको अठारह पुराणों में से एक “भविष्य पुराण” में लिखे तथ्य के बारे में बता रहें है।

-जिसमें मीरा (Meera) बाई के पूर्व जन्म के बारे में लिखा हुआ है।

-ये पढ़कर आपको पता चल जाएगा की मीरा (Meera) बाई क्यों कृष्ण(Krishna) से इतना प्रेम करती थी ।

-मीरा (Meera) पूर्व जन्म में एक पुरुष थी जिसने की गोपियों की भावनाओ से श्री कृष्ण(Krishna) की स्तुति की थी और वो ही संस्कार अगले जन्म में भी जारी रहे जिसका नतीजा आप सब जानते है।

मीराबाई
मीराबाई

-और इसलिए ही वे परम कृष्ण(Krishna) भक्त बनी।

धार्मिक कथा ( Religious Story)    

-दरअसल मीरा (Meera) बाई अपने पति के परलोकवास के बाद इनकी भक्ति दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई।

-ये मंदिरों में जाकर वहाँ मौजूद कृष्ण(Krishna)भक्तों के सामने कृष्ण(Krishna)जी की मूर्ति के आगे नाचती रहती थीं।

-मीराबाई (Meerabai) का कृष्ण(Krishna)भक्ति में नाचना और गाना राज परिवार को अच्छा नहीं लगा।

मीराबाई
मीराबाई

-उन्होंने कई बार मीराबाई (Meerabai) को विष देकर मारने की कोशिश की लेकिन कृष्ण(Krishna) ने उनकी हमेशा रक्षा  की ।

-वे संसार की ओर से विरक्त हो गयीं और साधु-संतों की संगति में हरिकीर्तन करते हुए अपना समय व्यतीत करने लगीं।

-बताया जाता है द्वारका में संवत 1627 वो भगवान कृष्ण(Krishna) की मूर्ति में समा गईं।

 

॥ जय श्री कृष्ण ॥