बजरंगबली से जुड़ा यह प्रसंग बताता है उनके अपार प्रेम को अपने आराध्य श्री राम के लिए; आप भी पढ़िए…!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

हनुमान(Hanuman) जी की भक्ति कौन नहीं जानता।

-सभी जानते है वे कितने बड़े भक्त है।

-उनके लिए सिर्फ उनके प्रभु श्री राम(Ram) की भक्ति और उनकी सेवा ही महत्वपूर्ण थी।

बजरंगबली
बजरंगबली

-वे हमेशा उनके चरणों में ही रहना चाहते है।

-आज हम आपको भगवान राम(Ram) एवं माता सीता(Seeta) के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति को दर्शाता हनुमान(Hanuman) जी का रामायण(Ramayan) में वर्णित एक प्रसंग बताने जा रहे है।

-जिसे पढ़कर आपको यकीं हो जाएगा की हनुमान (Hanuman)जी के लिए सिर्फ श्री राम और माता सीता ही मायने रखते थे ।

-आइये पढ़ते है।

बजरंगबली से जुड़ा प्रसंग

रामायण (Ramayan)के अनुसार एक बार की बात है माता सीता ने हनुमान (Hanuman)जी की सेवा से प्रसन्न होकर उन्हें हीरों का एक हार उपहार स्वरुप दिया, और बाकी सेवकों को भी उन्होंने भेंट स्वरुप मोतियों से जड़े रत्न दिए।

भक्ति में लीन भक्त बजरंगबली
भक्ति में लीन भक्त बजरंगबली

-जब हनुमान(Hanuman) जी ने हार को अपने हाथ में लिया तब उन्होंने प्रत्येक हीरे को माला से अलग कर दिया और उन्हें चबा-चबाकर जमीन पर फेंकने लगे।

-यह देख माता सीता(Seeta) को क्रोध आ गया और वे बोलीं-“ अरे हनुमान! ये आप क्या कर रहे हैं , आपने इतना कीमती हार नोंचकर नष्ट कर दिया ” ।

-यह सुनकर अश्रुपूरित नेत्रों से हनुमान(Hanuman) जी बोले- “माते! मैं तो केवल इन मोतियों को खोलकर यह देखना चाहता था कि इनमे मेरे आराध्य प्रभु श्रीराम(Ram) और मेरी माँ सीता(Seeta) बसते हैं या नहीं ।

-आप दोनों के बिना इन पत्थरों का मेरे लिए क्या मोल ?

महावीर बजरंगबलि
महावीर बजरंगबलि

धार्मिक कथा ( Religious Story)

-बाकी सेवक यह सारी घटना देख रहे थे, वे तुरंत ही हनुमान(Hanuman) जी के पास गए ।

-सेवकों ने बोला हनुमान(Hanuman) आपने सभी मोती को देखलिए है यदि इन निर्जीव वस्तु में श्रीराम (Ram)नहीं हैं तो फिर प्रभु कहाँ है?

-इतना सुनते ही हनुमान(Hanuman) जी ने कहा प्रभु श्रीराम(Ram) तो मेरे ह्रदय में बसते हैं।

बजरंगबली ने अपनी छाती चीर डाली
बजरंगबली ने अपनी छाती चीर डाली

-उन्होंने कहा “मेरे मन में बसे है राम मेरे तन में बसे है राम”।

-इतना कहकर उन्होंने अपनी छाती चीर डाली।

-सभी को हनुमान (Hanuman)जी के ह्रदय में श्रीराम (Ram)जी के दर्शन हुए।

 

यही वो प्रसंग है जो बताता है की हनुमान(Hanuman) जी के लिए उनके आराध्य के क्या मायने है ।

॥ जय श्री राम ॥

॥ जय बजरंगबली ॥