जरूर पढ़िए; सबसे पहला शिवलिंग स्थापित होने की एक अद्भुत अनसुनी कहानी…!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

-यदि आप भगवान शिव(Shiv) के भक्त हैं और उन पर अटूट श्रद्धा रखते है ।

-आप यह अवश्य जानते होंगे की भगवान(Bhagwaan) शिव साक्षात शिवलिंग में विराजमान रहते हैं।

-भगवान शिव जिन्हें भक्त भोलेनाथ भंडारी बोलते है ।

शिवलिंग
शिवलिंग

-वे अपने भक्तो पर सदा अनुकम्पा बनाये रखते है।

-अगर आप शिव शंकर(Shivshankar) के सच्चे भक्तों में से हैं तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि आखिर सबसे पहला शिवलिंग कैसे स्थापित हुआ था ।

-आज हम आपको शिवलिंग के स्थापित होने से लेकर उसे पूजने की परंपरा की शुरूआत के बारे में बताने जा रहे है।

पहला शिवलिंग

-सबसे पहला शिवलिंग(Shivling) की स्थापना को लेकर लिंगमहापुराण में वर्णन मिलता है।

-एक बार भगवान ब्रह्मा(Brahma) और विष्णु(Vishnu) के बीच अपनी-अपनी श्रेष्ठता को लेकर विवाद हो गया।

-अपने आप को श्रेष्ठ बताने के लिए दोनों एक-दूसरे का अपमान करने लगे।

शिवलिंग
शिवलिंग

-जब दोनों का यह विवाद चरम सीमा तक पहुंच गया तब अग्नि की ज्वालाओं से लिपटा हुआ एक विशाल लिंग दोनों देवों के बीच आकर स्थापित हो गया।

-इस लिंग को देखकर दोनों देव इस रहस्य को उजागर करने के लिए इसके मुख्य स्रोत का पता लगाने में जुट गए।

-भगवान ब्रह्मा(Brahma) उस लिंग के ऊपर की तरफ बढ़े और भगवान विष्णु(Vishnu) नीचे की ओर जाने लगे।

-हजारों सालों तक दोनों देव इस लिंग के मुख्य स्रोत की तलाश करते रहे लेकिन दोनों इसका पता लगाने में नाकाम रहे।

-जिसके बाद दोनों ने हार मान ली

-फिर उसी जगह पर आ गए जहां उन्होंने उस विशाल लिंग को देखा था।

शिवलिंग
शिवलिंग

धार्मिक कथा ( Religious Story)

-अब जब दोनों देव(Dev) उस लिंग के पास पहुंचे तो उन्हें वहां ओम का स्वर सुनाई देने लगा।

-इस स्वर को सुनकर दोनों को यह अनुमान हो गया है कि यह कोई शक्ति है।

-लिहाजा दोनों देव ओम के स्वर की आराधना करने लगे भगवान ब्रह्मा(Brahma) और विष्णु(Vishnu) की आराधना से भगवान शिव बेहद प्रसन्न हुए और उस विशाल लिंग से स्वयं प्रकट हुए।

-उन्होंने दोनों देवों को सदबुद्धि का वरदान दिया और वहीं उस विशाल शिवलिंग(Shivling) के रुप में स्थापित होकर वहां से अंतर्ध्यान हो गए।

-लिंगमहापुराण के अनुसार यही विशाल लिंग भगवान शिव(Shiv) का सबसे पहला शिवलिंग(Shivling) माना गया है।

-जब शिवलिंग(Shivling) के रुप में स्थापित होने के बाद, भगवान शिव वहां से अंतर्ध्यान हो गए

-तब सबसे पहले भगवान ब्रह्मा(Brahma) और विष्णु(Vishnu) ने ही उस शिवलिंग(Shivling) की पूजा-अर्चना की थी।

शिवलिंग
शिवलिंग

-उसी समय से भगवान शिव की लिंग के रुप में पूजा करने की परंपरा की शुरूआत हुई थी।

-लिंगमहापुराण के अनुसार सबसे पहला शिवलिंग(Shivling) स्थापित होने को लेकर एक और बात कही गई है

-शिवलिंग(Shivling) स्थापित होने के बाद भगवान ब्रह्मा(Brahma) ने देव शिल्पी विश्वकर्मा(Vishwakarma) से बोला।

-आपको सभी देवताओं के लिए अलग-अलग शिवलिंग(Shivling) का निर्माण करने के लिए कहा था।

-जिसके बाद भगवान विश्वकर्मा(Vishwakarma) ने अलग-अलग शिवलिंग(Shivling) बनाकर सभी देवी-देवताओं को प्रदान भी किए थे।

 

॥ जय महाकाल ॥

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