गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप;जानिये किस उद्देश्य के लिए आपको किस स्वरूप की करनी होगी पूजा..!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

-हमारे हिन्दू धर्म में गणेश (Ganesh) जी को प्रथम पूजनीय माना गया है।

-ऐसा इसलिए क्योंकि यह मान्यता है कि गणेश (Ganesh) जी को सर्वप्रथम पूजने से वह कार्य बिना किसी बाधा के पूर्ण होता है।

-और इसलिए उन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है।

गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप
गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप

-भगवान गणेश (Ganesh) के भक्त इन्हें अलग-अलग नामों से जानते हैं और उनके अलग-अलग स्वरूप की पूजा करते हैं।

-भिन्न-भिन्न जगहों पर भगवान गणेश (Ganesh) के विभिन्न स्वरूपों की अराधना करते हैं।

-वैसे तो हिन्दू शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश (Ganesh) के 12 स्वरूप हैं ।

-लेकिन आज हम आपको बता रहें है की किस उद्देश्य के लिए आपको गणपति(Ganpati)के किस स्वरूप की पूजा(Pooja) करनी चाहिए, तो आइये जानते हैं।

गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप

1. महा गणेश
-श्रीगणेश (Ganesh) के इस स्वरूप की पूजा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी का समाधान होता है।

-यह आपको सफलता भी दिलवाता है और जीवन के हर पड़ाव पर आपकी मदद भी करता है।

गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप
गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप

2. द्विज गणपति
-इस स्वरुप की पूजा करने से आपको अच्छा स्वास्थ्य और सुखद भविष्य मिलता है।

-इस स्वरूप की व्याख्या की जाए तो उनके दो सिर और चार हाथ होते हैं।

-एक हाथ में उन्होंने माला, एक में मटकी, एक में किताब और एक में छड़ी पकड़ी है।


3. हेरंब गणपति
-हेरंब गणपति(Ganpati) आपके धन और संपत्ति की रक्षा करते हैं।

-वे शेर पर स्वार रहते हैं और इनके पांच सिर और दस हाथ होते हैं।
4. वीर गणपति
-इसे गणेश(Ganesh) जी का पराक्रमी स्वरूप माना गया है, इस स्वरुप में गणेश (Ganesh) जी ने अपनी सोलह भुजाओं में सोलह भिन्न-भिन्न प्रकार के हथियार थामे हैं।

-यह भी कहा जाता है वीर गणपति(Ganpati) महिलाओं को बीमारियों से बचाते हैं।

गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप
गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप

5. करपग विनायगर
-अर्ध पद्मासन में बैठे दो हाथ वाला यह रूप आपकी हर मनोकामना पूर्ण करता हैं और आपके ऊपर धन की वर्षा करता हैं।

धार्मिक कथा ( Religious Story)    

6. गणेशनी
-हमारी मार्ग में आने वाली हर बाधा, हर परेशानी और हर बीमारी को दूर करते हैं ये गणपति।

ये आपके दोष और पाप में संतुलन बनाते हैं और आपके जीवन में केवल अच्छे संबंधों के आने का ही मार्ग खोलते हैं।


7. नरमुग गणपति
-अधि-विनायक (Vinayak), भगवान गणेश (Ganesh) के प्राचीनतम स्वरूप हैं।

-इनका सिर हाथी का नहीं वरन एक मनुष्य का ही है।
8. सिद्धि-बुद्धि गणपति
-भगवान गणेश (Ganesh) अपने इस स्वरूप में अपनी दोनों पत्नियों के साथ विराजमान हैं।

-सिद्धि हमें सहजज्ञान प्रदान करती हैं और बुद्धि हमें व्यवहारिक ज्ञान की प्राप्ति करवाती हैं।

गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप
गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप

9. नृत्य गणपति

-मनोकामना पूर्ति करने वाले वृक्ष के नीचे नृत्य करते भगवान गणेश (Ganesh) जी हमें खुशहाली और पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
10. विघ्नहर्ता
-आठ हाथों वाले गणेश (Ganesh) जी के इस स्वरूप की पूजा करने से आपकी हर समस्या और हर रुकावट का समाधान होता है।

11. समस्या
-अपने इस स्वरूप में गणपति (Ganpati) कलियुग (Kalyug)के उन लोगों की सहायता करते हैं जो अपने अच्छे कर्मों के बावजूद, समस्याओं को झेल रहे हैं।

गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप
गणेश के 12 अद्भुत स्वरूप

12. अलिंग नर्तन गणपति
-इस स्वरूप में गजानन (Gajanan) कलिंग नामक सांप (Snake)के फन के ऊपर नृत्य कर रहे हैं।

-यह बुराई पर अच्छाई की जीत दर्शाता हैं।

 

॥गणपति बप्पा मोरिया ॥

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