कृष्ण के नाम की महिमा; जो लगा दे भवसागर तक पार ,कैसे की गोपी ने यमुना पार..!!!

भारतीय पौराणिक कथा (Indian Mythological Story)

-शास्त्र बताते है कि भगवान(Bhagwan) श्री कृष्ण(Krishna) का एक नाम इतने पापो को मिटा सकता है जितना कि एक पापी व्यक्ति कभी कर भी नही सकता।

-आज हम आपको कृष्ण(Krishna) नाम की महिमा की एक बहुत ही सुन्दर कहानी बताने जा रहे है।

वृंदावन (Vrindavan)की एक गोपी रोज दूध दही बेचने मथुरा जाती थी।

कृष्ण के नाम की महिमा
कृष्ण के नाम की महिमा

-एक दिन ब्रज में एक संत आये, गोपी भी कथा सुनने गई।

-संत कह रहे थे- “भगवान (Bhagwan)के नाम की बड़ी महिमा है, उनके नाम से बड़े बड़े संकट भी टल जाते है।

-प्रभु का नाम तो भव सागर से तारने वाला है।

-यदि भव सागर से पार होना है तो भगवान(Bhagwan) का नाम कभी मत छोडना।”

-कथा समाप्त हुई गोपी अगले दिन फिर दूध दही बेचने चली।

-बीच में यमुना (Yamuna)जी थी।

-गोपी को संत की बात याद आई, संत ने कहा था भगवान(Bhagwan) का नाम तो भवसागर से पार लगाने वाला है।

-गोपी ने सोचा, जिस भगवान(Bhagwan) का नाम भव सागर से पार लगा सकता है ।

-तो क्या उन्ही भगवान(Bhagwan) का नाम मुझे इस साधारण सी नदी से पार नहीं लगा सकता ?

कृष्ण के नाम की महिमा
कृष्ण के नाम की महिमा

धार्मिक कथा ( Religious Story)

-ऐसा सोचकर गोपी ने मन में भगवान कृष्ण(Krishna) के नाम का आश्रय लिया और पुरे आत्मविश्वास से यमुना(Yamuna) जी की ओर आगे बढ़ गई।

-अब जैसे ही यमुना(Yamuna) जी में पैर रखा तो लगा मानो जमीन  पर चल रही है और ऐसे ही सारी नदी पार कर गई।

-पार पहुँचकर बड़ी प्रसन्न हुई और मन में सोचने लगी कि संत ने तो ये बड़ा अच्छा तरीका बताया पार जाने का।

-एक दिन गोपी ने सोचा कि संत ने मेरा इतना भला किया मुझे उन्हें खाने पर बुलाना चाहिये।

-अगले दिन गोपी जब दही बेचने गई, तब संत से घर में भोजन करने को कहा। संत तैयार हो गए।

-अब बीच में फिर यमुना(Yamuna) नदी आई।

-संत नाविक को बुलाने लगे तो गोपी बोली- “बाबा नाविक को क्यों बुला रहे है, हम ऐसे ही यमुना जी में चलेगे।”

कृष्ण नाम की महिमा

-संत गोपी से बोले यमुना(Yamuna) जी को ऐसे ही कैसे पार करेगे तो गोपी ने कहा बाबा आप ने ही तो रास्ता बताया था।

-आपने कथा में कहा था कि भगवान(Bhagwan)के नाम का आश्रय लेकर भव सागर से पार हो सकते है।

-तो मैंने सोचा जब भव सागर से पार हो सकते है तो यमुना(Yamuna) जी से पार क्यों नहीं हो सकते ।

-मै ऐसा ही करने लगी, इसलिए मुझे अब नाव की जरुरत नहीं पड़ती।”

-संत को विश्वास नहीं हुआ बोले- “गोपी तू ही पहले चल ! मै तुम्हारे पीछे पीछे आता हूँ।”

कृष्ण के नाम की महिमा
कृष्ण के नाम की महिमा

-गोपी ने भगवान(Bhagwan) के नाम का आश्रय लिया और यमुना(Yamuna) जी को पार कर गई।

-अब जैसे ही संत ने यमुना(Yamuna) जी में पैर रखा तो झपाक से पानी में गिर गए ।

-क्यूंकि संत को अपनी ही कही बात पर विश्वास नहीं था और संदेह करने की वजह से वे गिर गए ।

-जब गोपी ने देखा कि संत तो पानी में गिर गए है।

-तब गोपी वापस आई और संत का हाथ पकड़कर चली।

-तो संत भी गोपी की भांति ही ऐसे चले जैसे जमीन पर चल रहे हो।

-संत तो गोपी के चरणों में गिर पड़े और बोले- “गोपी तू धन्य है।

-वास्तव में तो सही अर्थो में नाम का आश्रय तो तुमने लिया है ।

-मै जिसने नाम की महिमा बताई तो सही, पर स्वयं नाम का आश्रय नहीं लिया।”

कृष्ण के नाम की महिमा
कृष्ण के नाम की महिमा

-सच में मित्रो, हम भगवान(Bhagwan) नाम का जप एंव आश्रय तो लेते है।

-पर भगवान(Bhagwan) नाम में पूर्ण विश्वास एंव श्रद्धा नही होने से हम इसका पूर्ण लाभ प्राप्त नही कर पाते।

-अत: भगवान(Bhagwan) नाम पर पूर्ण श्रद्धा एंव विश्वास रखकर ह्रदय के सुमिरन करें सदैव प्रभु नाम का जप करे।

॥ जय श्री कृष्ण ॥

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